जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एम्स डाक्टरों की कमी महसूस करने लगा है। लिहाजा, निर्णय लिया गया है कि फैकल्टी एवं रेजिडेंट डाक्टरों की कुल संख्या बल का 80 फीसद कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगाया जाएगा। एम्स कोरोना टास्क फोर्स के चेयरपर्सन प्रो नवीत विग ने एक सर्कुलर जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

एम्स में कई कोरोना फेसिलिटि सेंटर खोले गए हैं। जिसकी वजह से चिकित्सकों की कमी महसूस की जा रही है। एम्स निदेशक ने फैसला लिया है कि 80 फीसद रेजिडेंट एवं 80 फीसद फैकल्टी को इलाज में लगाया जाएगा। सभी विभागों को पत्र भेज फैकल्टी का नाम मांगा गया है, जिन्हे कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगाया जाएगा।

विशेष ड्राइव से नियुक्ति
स्पेशल ड्राइव के जरिए 180 सीनियर रेजिडेंट डाक्टरों की भर्ती करेगा। सामान्य समेत आरक्षित वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की खाली पड़ी सीटों को विशेष ड्राइव के जरिए भरने की कवायद शुरू कर दी गई है। ये नियुक्तियां संविदा आधार पर होगी और जुलाई 2021 सत्र के लिए होंगी। एम्स ने आवेदकों से गुजारिश की है कि वो 27 अप्रैल तक कुलसचिव कार्यालय में आवेदन कर दें। 28 अप्रैल को डीन कमेटी रुम में दोपहर दो बजे के बाद इंटरव्यू होंगे। क्रिटिकल केयर विभाग के 21 पदों पर नियुक्ति होगी। इसके अलावा मेडिसिन विभाग के 11, सर्जरी ट्रामा के 18, अस्पताल प्रबंधन के 11 पदों समेत कुल 180 पदों पर नियुक्ति होगी।

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