नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। देश-दुनिया के नामी उद्योगपतियों में शुमार मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर अंटीलिया के बाहर स्कार्पियो गाड़ी में मिले विस्फोटक के मामले में इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) की साजिश के सबूत तिहाड़ जेल में मिले हैं। इस बीच एशिया की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली तिहाड़ जेल संख्या-8 में बंद आइएम के आतंकी तहसीन अख्तर की सेल से पुलिस को मोबाइल फोन और सिमकार्ड मिला है। यह उसी नंबर का सिमकार्ड है, जिस नंबर से टेलीग्राम पर जैश-उल-हिंद के नाम से अकाउंट बनाया गया था। इसी के जरिये जैश-उल-हिंद ने लावारिस स्कार्पियो में विस्फोटक रखने की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस को जांच में एक और फोन नंबर के बारे में पता चला है।

वहीं, जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आतंकी तहसीन अख्तर के पास से मिला सिम पूर्वी दिल्ली निवासी जयदीप लोधिया के दस्तावेज पर लिया गया था। पिछले साल जुलाई में यह नंबर चालू किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को एक और मोबाइल नंबर का पता चला, जो बीते सितंबर में चालू कराया गया था, लेकिन इस समय बंद है। ये दोनों नंबर फर्जी दस्तावेज पर लिए गए हैं। स्पेशल सेल अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने फर्जी दस्तावेज पर सिम खरीदकर तिहाड़ जेल तक पहुंचाया। स्पेशल सेल अब आतंकी तहसीन अख्तर को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करने की तैयारी में है।

वहीं, फर्जी दस्तावेजों पर इन नंबरों को लेने वाले शख्स सहित तिहाड़ में बंद आतंकी के पास उसे पहुंचाने वालों की पुलिस तलाश कर रही है। वहीं, स्पेशल सेल अब आतंकी तहसीन अख्तर को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करने की तैयारी में है। जेल में बंद 11 अन्य कैदी पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस उन कैदियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि जेल में बंद लोगों के पास मोबाइल व अन्य चीज पहुंचाने वालों की पहचान की जा सके।

बता दें कि गत दिनों मुकेश अंबानी के घर के बाहर कार में मिले विस्फोटक की जिम्मेवारी जैश उल हिंद नाम के संगठन ने ली थी। एजेंसियों के मुताबिक इस संगठन का फिलहाल जमीन स्तर पर कोई अस्तित्व नहीं है। इसके लोग इंटरनेट मीडिया पर ज्यादा सक्रिय रहते हैं। दरअसल गत 29 जनवरी को दिल्ली में इजराइल दूतावास के बाहर कम तीव्रता वाले विस्फोट की जिम्मेवारी भी इसी संगठन ने टेलीग्राम चैनल के जरिये ली थी। फिलहाल पुलिस और एजेंसियां मामले की जांच कर रही है।

Edited By: Jp Yadav