नई दिल्‍ली, जेएनएन। Spices For Immunity Booster मसाले सेहत के लिए बहुत जरूरी हैं। इनका सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर सर्दी-जुकाम से लेकर कैंसर तक के खतरे को कम करता है। इन मसालों का सेवन सभी को करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर को आंतरिक रूप से गर्म रखते हैं। हालांकि खाने में मसालों का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में मसालों का सेवन सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

मसाले और उनके स्वास्थ्य लाभ

धनिया: धनिया खाने को गार्निश करने के लिए इस्तेमाल की जाती है और इसके बीजों को पीसकर मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। धनिया पाउडर न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि पाचक रसों के स्राव को बढ़ाकर पाचन प्रक्रिया को तेज करता है। धनिया में प्राकृतिक रूप से हार्मोंस के स्राव को नियंत्रित करने का भी गुण पाया जाता है।

जीरा: जीरा खाने का स्वाद और खुशबू दोनों को बढ़ाता है। यह विरेचक का काम भी करता है और पाइल्स की बीमारी में राहत देता है। जीरा पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायता करता है। इसमें मॉर्निंग सिकनेस को दूर करने का भी गुण पाया जाता है। यह लिवर से विषैले पदार्थों को बाहर करने में मदद करता है।

अदरक: अदरक में एंटीइंफ्लेमैटरी गुण होते हैं। यह एक प्राकृतिक दर्द निवारक भी है। अदरक भोजन के पाचन में सहायता कर पेट संबंधी गड़बड़ियों को दूर करती है। अदरक जी मचलाने में आराम देने के साथ ही सर्दी, जुकाम से बचाती है।

लहसुन: लहसुन बहुत स्वास्थ्यवर्धक है, यह एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है। इसमें एलिसिन नामक तत्व होता है, इसके कारण लहसुन में विशेष गंध होती है। यह रक्तचाप और कोलेस्ट्राल के स्तर को कम करता है। शोधों के अनुसार लहसुन खाने वालों को कैंसर होने की आशंका कम रहती है।

लौंग: आयुर्वेद में लौंग का इस्तेमाल जी मिचलाने, पाचन तंत्र से संबंधित गड़बड़ियों व फ्लू को दूर करने में किया जाता है। यदि ओवर ईटिंग की समस्या है तो एक-दो लौंग चबाने से राहत मिल जाती है। लौंग उल्टी, अपच और लूज मोशन में भी आराम पहुंचाती है। लौंग में एंटीइंफ्लेमैटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इसलिए दांतों की समस्याओं में इसका प्रयोग किया जाता है।

काली मिर्च: काली मिर्च का सेवन पाचन के लिए बहुत आवश्यक है। काली मिर्च पाचन से संबंधित समस्याओं, पेट फूलना और कब्ज में आराम पहुंचाती है। यह रक्त में लिपिड के स्तर को नियंत्रित करती है और कोलेस्ट्राल के अवशोषण को रोकती है।

हींग: हींग का फ्लेवर तीखा होता है। इसका सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। यह श्वसन तंत्र से संबंधित गड़बड़ियों जैसे कफ, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के उपचार में भी सहायता करती है। हींग महिलाओं को मासिक चक्र के दौरान होने वाली समस्याओं जैसे पेट दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव से बचाती है।

हल्दी: हल्दी के ढेरों स्वास्थ्य लाभ हैं। इसमें पाया जाने वाला करक्यूमिन उम्दा एंटीऑक्सीडेंट है। यह फ्री रेडिकल्स से लड़कर कई बीमारियों और उम्र बढ़ने के प्रभाव को कम करती है।

सीमित मात्रा में करें सेवन

  • गर्मियों में मसालों का सेवन अधिक करने से शरीर में ऊष्मा का स्तर बढ़ता है, जिससे पसीना अधिक निकलता है
  • अधिक मात्रा में मसालों के सेवन से गैस्ट्रोएंट्राइटिस, स्टमक अल्सर और आंतों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है
  • लगातार अधिक मसालेदार भोजन करने से हार्ट बर्न की शिकायत हो सकती है। रात में मसालेदार भोजन का सेवन करने से प्यास अधिक लगती है

हरी मिर्च: हरी मिर्च एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है और फ्री रेडिकल्स से शरीर की रक्षा करती है। इसमें विटामिन ए, बी व सी पाया जाता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर को विभिन्न संक्रमणों से लड़ने में मदद मिलती है। 

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