नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। Delhi Trade Fair 2019: जगह सीमित होने के बावजूद 39वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में गागर में सागर भरने की कोशिश भी नजर आती है। इसी सोच के साथ मेले में थोड़ी कम जगह देकर भी जहां एक ओर मेघालय को छोड़कर अन्य सभी राज्यों को स्थान दिया गया है, वहीं दर्शकों को उनका जायका उपलब्ध कराने की कोशिश भी की गई है।

कुल 31 फूड कोर्ट बने हैं

भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (आइटीपीओ) के फूड एंड बेवरेज विभाग की ओर से बताया गया है कि मेला परिसर में छोटे बड़े मिलाकर 31 फूड कोर्ट बनाए गए हैं। इनमें लगी स्टालों पर कमोबेश सभी राज्यों के खास खास व्यंजन मिल रहे हैं। फिर वह चाहे राजस्थान व्यंजन हों या पंजाबी, गुजराती हों या बिहार के, दक्षिण भारत के हों या उत्तत भारत के.. यहां खान पान की पूरी वैरायटी उपलब्ध है।

राजयों के पारंपरिक व्‍यंजन आ रहे पसंद

हॉल नं. सात के सामने बने फूड कोर्ट में बिहार फूड स्टाल के संचालक देवेंद्र कुमार ने बताया कि जंक फूड मसलन बर्गर, चाऊमिन, सैंडविच, छोले भठूरे, छोले कुल्चे, पेटीज, समोसा इत्यादि तो दिल्ली एनसीआर के लोग अक्सर खाते रहते हैं। लेकिन, व्यापार मेले में दर्शकों की पहली पसंद राज्यों का पारंपरिक व्यंजन होते हैं। यही वजह है कि मेले में लिटटी चोखा, अनारसा, चूरमा बाटी, प्याज कचौड़ी, सरसों का साग और मक्की की रोटी भी खूब पसंद की जा रही है।

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