नई दिल्ली, जेएनएन। बजट पेश करने के लिए दिल्‍ली विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। कार्यवाही शुरू होते ही  दिल्ली विधानसभा में वायुसेना के लिए तालियां बजीं। इसके बाद विधानसभा सदस्यों ने खड़े होकर वायु सेना को बधाई दी। दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। 

कम हुआ टैक्‍स कलेक्‍शन
इसके बाद मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करने के दौरान कहा कि 2015 में जब दिल्ली सरकार के पास एसीबी थी तो दिल्ली में टैक्स कलेक्शन अधिक था। दिल्ली में पूरी दिल्ली केवल राष्ट्रीय राजधानी नहीं है। दूसरे देशों में राष्ट्रीय राजधानी है। वहां की सरकारों ने अपनी राष्ट्रीय राजधानी के लोगों की इतनी दुर्गति नहीं कर रखी है जितनी दिल्ली में हो रही है।

80 फीसद मार्क्‍स लाने वाले बच्‍चों को मिलेगा टेबलेट
मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करने के दौरान स्‍कूली बच्‍चों के लिए बड़ा एलान किया है। उन्‍होंने कहा कि 10 वीं में 80 फीसद मार्क्‍स लाने वाले छात्रों को कंप्‍यूटर टेबलेट दिया जाएगा। इसके साथ ही 40 हजार बच्‍चों को अंग्रेजी में बात करने की दाक्षता दी जाएगी। इस बार शिक्षा का बजट 26 फीसद रहेगा।

स्‍वास्‍थ्‍य
स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में मनीष सिसोदिया ने कहा कि मौलाना आजाद डेंटल कॉलेज में सुविधाएं बढ़ेंगी। वहीं, मोहल्‍ला क्‍लीनिक के लिए 375 करोड़ का बजट का प्रावधान किया गया है। बजट में दिव्‍यांगों के लिए भी कई योजनाएं सरकार ने शुरू की है। 2019-20 के बजट में सरकार ने दिव्यांग लड़कियों की शादी में मदद करने का ऐलान किया है। वहीं वकीलों के कल्याण के 50 करोड़ का प्रावधान होगा। सस्ते राशन की डोर स्टेप डिलीवरी के लिए राशन दुकानदारों का मार्जन 70 से 200 फीसद किया गया।

आवास एंव शहरी विभाग
3429 करोड़ समाज कल्याण के लिए आवंटित किया गया है। अनाधिकृत कॉलोनियों के लिए 1600 करोड़ है वहीं ews के लिए 52 हजार नई आवासीय इकाई बनेंगी। सरकार ने आम लोगों के लिए खजाना खोल दिया है। अब प्रति निर्वाचन क्षेत्र के लिए सालाना चार की जगह 10 करोड़ मिलेंगे।

जलापूर्ति और स्वच्छ्ता

  • पल्ला के नए जलाशय का निर्माण
  • भूजल में सुधार के लिए 100 करोड़
  • 100 वर्ग या इससे बड़े प्लाट पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य
  • द्वारका में 50 एमजीडी का नया संयंत्र बनेंगे
  • 345 अनाधिकृत कॉलोनियों में सीवर सुविधा दी जाएगी।
  • यमुना जीर्णोद्धार के लिए 75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
  • 2370 करोड़ का बजट जल बोर्ड की योजनाओं के लिए

सड़क और ढांचागत विकास

  • विभिन्न सड़कों का निर्माण होगा
  • 6 फुटओवर ब्रिजों के लिए 2940 करोड़ का बजट
  • 3 हजार नई बसें आएंगी
  • बस टर्मिनलों के लिए 150 करोड़
  • चौथे चरण की मेट्रो के लिए 500 करोड़
  • इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देंगे
  • परिवहन के लिए राशि दोगुना
  • 1807 करोड़ सार्वजनिक परिवहन पर।

पर्यावरण

  • 20 फीसद पेड़ ही कटेंगे, 80 फीसद ट्रांसप्लांट करने होंगे


पर्यटन

  • दिल्ली के प्रवेश द्वारों का सोन्द्रीयकर्ण
  • 25 करोड़ का बजट
  • 49 करोड़ का बजट पर्यटन के लिए

बता दें कि पांच वर्ष में दिल्ली का बजट दोगुना हुआ है। वर्ष 2014-15 में कुल बजट 30940 करोड़ था। बजट में स्थानीय निकाय के लिए 4575 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं 11 इन्क्यूबेशन सेंटर बनाए जाने का सरकार ने एलान किया है।

इस बार 20 19-20 के लिए डिप्‍टी सीएम मनीष सिसोदिया ने 60,000 करोड़ का बजट पेश किया जा रहा है। वहीं गत वर्ष 53,000 करोड़ का बजट पेश किया गया था।

शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य पर जोर
दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार मंगलवार को अपने वर्तमान कार्यकाल का अंतिम बजट पेश कर रही है। वर्ष 2019-20 के अनुमानित बजट को वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया दिल्ली विधानसभा में पेश करे रहे हैंं। बजट भाषण 11 बजे शुरू हो चुका है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन पर अधिक जोर रहने की संभावना है।

प्रदूषण के खिलाफ कई प्रावधान
इस बार बजट में राजधानी को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए फिर कई प्रावधान किए जा रहे हैं। इसके तहत अगले वित्त वर्ष में राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों को लाने व सड़कों की ग्रीनरी बढ़ाने जैसे प्रावधान किए जा रहे हैं। इसके अलावा अनधिकृत कॉलोनियों का विकास भी सरकार के एजेंडा में शामिल है।

55 हजार करोड़ से अधिक का बजट
इस बार 55 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश किया जाएगा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में 53 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार पिछले चार साल से बिजली हाफ और पानी माफ की सुविधा जनता को दे रही है। इसे आगे बढ़ाया जाएगा।

शिक्षक देखेंगे सत्र की कार्यवाही
दिल्ली विधानसभा सत्र की कार्यवाही देखने की अनुमति देने के लिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि दिल्ली सरकार पिछले चार साल से शिक्षा के क्षेत्र को महत्व दे रही है।

बजट में सबसे ज्यादा शेयर शिक्षा विभाग को दिया जा रहा है। दिल्ली सरकार के प्रयास के बाद दुनिया भर से लोग यहां के मॉडल को देखने आ रहे हैं। मंगलवार को भी दिल्ली सरकार अपना बजट पेश करेगी। ऐसे में मैं चाहता हूं की आप 20 शिक्षकों को सत्र की कार्यवाही देखने की अनुमति दें।

Posted By: Prateek Kumar

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