शैलेन्द्र सिंह, नई दिल्ली

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के छात्रों के लिए संस्कृत में पोस्टग्रेजुएशन (स्नातकोत्तर) में दाखिले की राह मुश्किल होने जा रही है। संस्कृत में सीधे दाखिले के लिए इस बार (सत्र 2016-17) डीयू के छात्रों को 55 के बजाय 60 फीसद अंक की जरूरत होगी। इससे कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा देनी होगी। डीयू में हिंदी, संस्कृत व अंग्रेजी में दाखिले दो स्तर (सीधे व प्रवेश परीक्षा) पर होते हैं। एमए अंग्रेजी व एमए हिंदी के लिए दाखिला नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एमए अरेबिक, पंजाबी, बुद्धिस्ट स्टडी जैसे विषयों की योग्यता में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।

डीयू में स्नातकोत्तर की दाखिला प्रक्रिया के निर्धारण के लिए बनी समिति के एक सदस्य ने बताया कि इस बार दाखिला प्रक्रिया में संस्कृत व भाषाई अध्ययन विषयों के संबंध में कुछ बदलाव किए गए हैं। कई विषयों में प्रवेश परीक्षा की तिथियां भी तय कर ली गई हैं।

स्नातक की तरह स्नातकोत्तर में दाखिले के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। बीते साल एक अप्रैल को दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन इस बार अभी तक तिथियों की घोषणा नहीं हुई है। इस बार आवेदन प्रक्रिया में विलंब हो सकता है। समिति ने तय किया है कि स्नातकोत्तर की दाखिला प्रक्रिया 31 अगस्त तक समाप्त हो जाए। एमए संस्कृत में उपलब्ध सीटों की संख्या करीब 426 है।

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भाषाई अध्ययन के लिए होगी प्रवेश परीक्षा

स्नातकोत्तर स्तर पर भाषाई अध्ययन में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा की अनिवार्यता लागू कर दी गई है। प्रवेश परीक्षा में उम्मीदवार को कम से कम 40 फीसद अंक प्राप्त करने होंगे। दाखिले के लिए 70 फीसद का महत्व प्रवेश परीक्षा को मिलेगा जबकि 30 फीसद महत्व उम्मीदवार के शैक्षणिक रिकॉर्ड के लिए होगा। गत वर्ष तक इस विषय में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा का प्रावधान नहीं था।

स्नातकोत्तर के लिए तय प्रवेश परीक्षा की तिथि (जून)

विषय-प्रवेश परीक्षा तिथि

एमए अरेबिक-2

हिंदी-5

संस्कृत-8

फ्रेंच व इटेलियन-17

साइकोलॉजी-23

मॉडर्न इंडियन लिटरेचर-24

एप्लॉयड साइकोलॉजी-24

बुद्धिस्ट स्टडी-27

पंजाबी-27

लाइब्रेरी साइंस-29

भाषाई अध्ययन-29 या 30

फिलॉसफी-30