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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गृहमंत्री ने कहा, IT में अव्वल हम पर आधुनिक ज्ञान बाहर से आया

By JP YadavEdited By:
Published: Sun, 05 Jul 2015 09:09 AM (IST)Updated: Sun, 05 Jul 2015 09:38 AM (IST)

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने छात्र-छात्राओं को सलाह दी है कि सूचना-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने पूरे विश्व में अपनी ...और पढ़ें

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नोएडा। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने छात्र-छात्राओं को सलाह दी है कि सूचना-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने पूरे विश्व में अपनी पहचान बनाई है, हमें यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि आधुनिक ज्ञान बाहरी देशों से आया है। बावजूद इसके कि भारत प्राचीन काल से ही शिक्षा का गढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय और तक्षशिला विश्वविद्यालय में विश्व के कोने-कोने से लोग शिक्षा ग्रहण करने के लिए आए हैं। शून्य की खोज भारत ने ही की है। जिस पर गणित का सिद्धांत टिका हुआ है। गंगा के किनारे से ज्ञान की शुरुआत हुई।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को सेक्टर-62 स्थित जेपी इंस्टीट्यूट के आठवें दीक्षांत समारोह में शरीक हुए थे। यहां पर उन्होंने आयोजित समारोह में स्नातक और परास्नातक कोर्स के कुल सोलह सौ से अधिक छात्रों को डिग्री प्रदान की। दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया वीक की शुरुआत की है। हमारा लक्ष्य पूरे विश्व में डिजिटल वर्चस्व कायम करना है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ज्ञान प्राप्त करने से कोई भी व्यक्ति विद्वान नहीं हो जाता है। आतंकी गतिविधियों में शामिल युवा काफी पढ़े-लिखे हैं। सूचना-प्रौद्योगिकी पर उनकी मजबूत पकड़ है, पर वे अपने ज्ञान का दुरुपयोग कर रहे हैं। ज्ञान हमेशा सकारात्मक दिशा में ही हितकारी होता है।

यदि इसका नकारात्मक दिशा में उपयोग किया जाए तो यह विनाशकारी साबित होता है। कार्य की वजह से कद बड़ा होता है। हमें कार्य पर ध्यान देना चाहिए।

समारोह में संस्थान के चांसलर जयप्रकाश गौड़ ने कहा कि हमारा सपना एक लाख छात्रों को शिक्षित करना है। इसकी शुरुआत हो चुकी है। समारोह में एमबीए के कुल 557, बीटेक (सीएस) के 872, बीटेक (आईटी) के 200 से अधिक छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। विभिन्न कोर्स के मेधावी छात्रों को मेडल भी दिया गया।