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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डीयू में अब एबीवीपी बनाम सीवाईएसएस के आसार

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Published: Fri, 05 Jun 2015 06:47 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली एतिहासिक सफलता के बाद आम आदमी पार्टी के छात

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली एतिहासिक सफलता के बाद आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) के हौसले भी बुलंद हैं। सीवाईएसएस ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के पहले ही दिन काफी सक्रिय दिखा। डीयू के नॉर्थ कैंपस में बनाए गए ऑफलाइन आवेदन केंद्र श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज के बाहर जिस तरह सीवाईएसएस अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) के मुकाबले में नजर आया उससे साफ हो गया कि इस बार केजरीवाल फैक्टर का असर छात्रसंघ चुनाव में भी देखने को मिलेगा। जहां तक बात भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) की है तो पहले दिन तो संगठन प्रदर्शन के सहारे अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश ही करता नजर आया।

सीवाईएसएस की ओर से लगाई गई हेल्प डेस्क पर बैठे संगठन के कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे पिछले एक साल से डीयू के विभिन्न कॉलेजों में अपने सदस्य बना रहे हैं। उनके अनुसार 40 से ज्यादा कॉलेजों में उनका संगठन मजबूत हो चुका है और अब कोशिश नए छात्रों को संगठन से जोड़ने की है। इसके लिए ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान न सिर्फ हम दाखिले में सहायक सामग्री विद्यार्थियों को उपलब्ध करा रहे हैं बल्कि उनके मोबाइल नंबर भी एकत्र कर रहे हैं। संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि चूंकि इस बार संगठन दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में उतरने जा रहा है, इसलिए तैयारी जारी है।

युवाओं को नहीं कर सकेंगे भ्रमित

एबीवीपी के प्रदेश मंत्री साकेत बहुगुणा ने सीवाईएसएस से मिल रही चुनौती के बारे में पूछने पर कहा कि जिस तरह से केजरीवाल सरकार ने जनता को ठगा है उसके बाद भ्रम फैलाकर युवाओं को भ्रमित कर पाना संभव नहीं होगा। साकेत से जब यह पूछा गया कि उनकी हेल्प डेस्क से ज्यादा भीड़ सीवाईएसएस की हेल्प डेस्क पर है तो उनका कहना था कि हेल्प डेस्क पर भीड़ लगाने के बजाय हमारे वालंटियर कॉलेज के अंदर आवेदन प्रक्रिया में विद्यार्थियों की मदद कर रहे हैं।

इनसो, केवाईएस, आइसा भी एनएसयूआइ से आगे

दिल्ली के चुनावी दंगल में कांग्रेस को मिली असफलता का असर दिल्ली विश्वविद्यालय में भी देखने को मिल रहा है। ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के पहले दिन खालसा कॉलेज में जहां इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई इनसो, वामपंथी छात्र संगठन आइसा, क्रांतिकारी युवा संगठन, यूथ फार सोशल जस्टिस व नागा स्टूडेंट्स यूनियन, दिल्ली हेल्प डेस्क लगाकर विद्यार्थियों की मदद कर रहे थे वहीं एनएसयूआइ की हेल्प डेस्क नदारद थी। हां, इतना जरूर था कि संगठन के कुछ कार्यकर्ता कॉलेज में दोपहर साढे़ बारह बजे डीयू के नाकाफी इंतजामों के लिए विवि प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते जरूर नजर आए।