जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : आदिवासियों व ग्रामीणों के हितों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर मंगलवार को रैली निकाली गई। सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण भी मौजूद रहे।

मेधा पाटेकर ने कहा कि सरकार केवल उद्यमियों को फायदा पहुंचा रही है और इसी आधार पर बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। गरीबों और असहाय लोगों के अधिकारों पर हमला हो रहा है। ग्रामीण लोगों के लिए चलाई गई मनरेगा योजना को जारी रखने में सरकार की रुचि नहीं है। कई जगहों पर इस योजना के लिए दिया जा रहा फंड भी रोक दिया गया है। ग्रामीणों और आदिवासियों से उनकी जमीन छीनी जा रही है। लिहाजा सरकार को भूमि अधिग्रहण कानून जल्द से जल्द लागू करना चाहिए। राजस्थान में जिस प्रकार श्रम कानून में बदलाव किया गया है, उससे मजदूरों के अधिकारों का हनन हो रहा है। सरकार को इसे वापस लेना चाहिए।

प्रशांत भूषण ने कहा कि पिछले दस साल में सूचना का अधिकार, रोजगार गारंटी योजना जैसी अच्छी चीजें हुई हैं, लेकिन अभी भी समाज के सभी वर्ग का समान विकास बाकी है। सरकार को ग्रामीण व आदिवासी लोगों के हितों के संरक्षण के लिए नियम और कानून बनाने चाहिए। रैली के दौरान अभावग्रस्त लोगों को रोजगार, स्वास्थ सेवाएं, पेंशन का हक और शिक्षा का अधिकार देने की मांग की गई।

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