जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : एक ओर जहां रेल प्रशासन राजधानी के विभिन्न रेलवे स्टेशनों को उच्च श्रेणी का दर्जा देकर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहा है, वहीं नांगलोई रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां लगे बोर्ड पर सुविधाओं का उल्लेख है, मगर हकीकत कुछ और है। परिसर में शेड की कमी, लाइट, पानी व शौचालय समेत सफाई व्यवस्था का अभाव है। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। आरक्षण केंद्र तो है मगर एक ही काउंटर की सुविधा है।

दिल्ली-अंबाला रेलखंड के नांगलोई स्टेशन से प्रतिदिन 17 सवारी गाड़ियों समेत कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव है। दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा व रोहतक जाने के लिए रोजाना बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में दैनिक यात्रियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।

खारा पानी

परिसर में लगे नलों में पानी आता है, लेकिन यह पीने योग्य नहीं होता। यहां पानी इतना खारा है कि यात्री इसे छूना तक पसंद नहीं करते। गर्मी बढ़ने के बाद यात्रियों को यह पानी भी नसीब नहीं होता।

सुरक्षा व्यवस्था लचर

सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कोई चेकिंग नहीं है, जबकि यह स्टेशन सीधा राजधानी से जुड़ता है। स्टेशन परिसर में असामाजिक तत्व खुलेआम धूम्रपान करते हैं

सफाई व्यवस्था नहीं

शौचालय की हालत जर्जर है। सफाई व्यवस्था बिल्कुल नहीं है। यात्री खुले में शौच करने को मजबूर हैं। खासकर, महिला यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

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सुविधाओं के नाम पर पानी तक उपलब्ध नहीं है। परिसर में जगह-जगह अतिक्रमण है। प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

-महेश, दैनिक यात्री।

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यात्री खुलेआम रेलवे ट्रैक पार करते हैं। कई बार दुर्घटना हो चुकी है, मगर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती।

-अमरेंद्र, दैनिक यात्री।

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जो भी समस्याएं है उसकी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद उच्च अधिकारियों को अवगत करा कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

-नीरज कुमार, मुख्य प्रवक्ता, रेलवे।