राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : बीते वर्ष 16 दिसंबर को हुए वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म कांड का असर दिल्ली की मानव विकास रिपोर्ट पर भी दिखाई दिया है। दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले आई इस रिपोर्ट में महिलाओं पर बढ़ते अपराधों को लेकर चिंता जाहिर की है। रिपोर्ट में बच्चों और बुजुर्गो की सुरक्षा पर भी चिंता जताई गई है।

शनिवार को जारी की गई मानव विकास रिपोर्ट दूसरी रिपोर्ट है। इससे पहले वर्ष 2006 में जारी की गई थी। यह रिपोर्ट इंस्टीटयूट फॉर ह्यूमन डवलपमेंट ने मात्र नौ माह में तैयार की है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए लोगों से उनके जीवन और शहर के बारे में राय जानने के लिए लगभग 8,000 परिवारों में सर्वेक्षण किया है। साथ ही अलग-अलग आंकड़ों का विश्लेषण भी किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के प्रति पिछले सालों के मुकाबले अपराध बढ़े हैं। वर्ष 2004-06 में महिलाओं पर अपराध एक लाख महिलाओं के मुकाबले 16.8 थे, जो वर्ष 2010-12 में एक लाख महिलाओं के मुकाबले 20.4 हो गए हैं। इसी तरह बाल अपराधों में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2004-06 में बच्चों पर हुए अपराध एक लाख बच्चों के मुकाबले 4.5 थे, जो वर्ष 2010-12 में एक लाख महिलाओं के मुकाबले 18.5 हो गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय दो लाख रुपये सालाना हो गई है। दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय प्रतिवर्ष लगभग 7 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जिससे दिल्ली, देश का सबसे समृद्ध राज्य बन गया। राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि लगभग 3 प्रतिशत थी। हाल के वषरें में गरीबी के स्तर में भी काफी कमी आई है। लोगों ने जीवन स्तर संतोषजनक और उत्तम बताया। लगभग 99 फीसद घरों में बिजली है। अधिकांश मूलभूत सेवाओं तक पहुंच और परिवहन के माध्यमों में भी बड़ा सुधार हुआ है। स्कूल और उच्च शिक्षा के अवसर बढ़े हैं और बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।

नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि हुई है। सर्वेक्षण के दौरान एक तिहाई जवाब देने वाले लोगों ने बताया कि दिल्ली में रोजगार के अवसर पिछले तीन वर्ष में बढ़े हैं। 1999-2000 में नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी 9 फीसद थी जो 2011-12 में बढ़कर 11 फीसद से ज्यादा हो गई। नियमित नौकरी करने वालों की आमदनी में प्रतिवर्ष 5 फीसद की बढ़ोतरी हुई।

दिल्ली में आवास की स्थिति में 2001 से 2011 के बीच काफी सुधार हुआ। 2001 में 2.5 लाख मकानों की कमी थी, जो 2011 में 1.5 लाख रह गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली के लोग अपने जीवन की गुणवत्ता से संतुष्ट हैं। उनसे रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के मानकों के अनुरूप प्रश्न किए गए। कम आय वर्ग में भी 64 फीसद परिवारों ने बताया कि वे अपने जीवनस्तर से संतुष्ट हैं। 90 प्रतिशत बच्चों की शिक्षा के बारे में संतुष्ट दिखाई दिए और अधिक आय वर्ग वालों में यह प्रतिशत बढ़ता गया।

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