नई दिल्‍ली, जेएनएन। World Cup 2019: क्रिकेट वर्ल्‍ड कप दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्‍पोर्ट्स इवेंट माना जाता है। विश्‍व कप की शुरूआत 1975 में हुई थी। 2019 में इसका 12 वां संस्‍करण इंग्‍लैंड और वेल्‍स में 30 मई से शुरू हो रहा है। हर बार के विश्‍वकप में सबसे उम्‍दा प्रदर्शन करने वाले प्‍लेयर्स को अलग अलग खिताबों से नवाजा गया। इन सभी पुरस्‍कारों में सबसे ज्‍यादा अ‍हमियत मैन ऑफ द टूर्नामेंट के पुरस्‍कार की रही है।

इस पुरस्‍कार की शुरुआत 1992 के विश्‍वकप से हुई। यह खिताब उस खिलाड़ी को दिया जाता है जिसने सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन किया हो। इस खिताब पर दो बार भारतीय खिलाडि़यों ने कब्‍जा जमाया है। जबकि दो बार ही ऑस्‍ट्रेलिया के प्‍लेयर्स को यह खिताब दिया गया है। कुछ अन्‍य देशों के खिलाडि़यों ने भी यह खिताब जीता है। पिछले विश्‍व कप में ऑस्‍ट्रेलिया के मिचेल स्‍टार्क को यह पुरस्‍कार दिया गया। आईए जानते हैं किस खिलाड़ी को किस विश्‍व कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।

मार्टिन क्रो (1992)
न्‍यूजीलैंड टीम के कैप्‍टन रह चुके मार्टिन डेविड क्रो ने 1992 के वर्ल्‍ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं। इस प्‍लेयर ने वर्ल्‍ड कप में सबसे ज्‍यादा 456 रन ठोके थे। 1992 में पहली बार शुरू किए गए मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मार्टिन को ही दिया गया। 1982 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ अपने वनडे करियर की शुरुआत करने वाले मार्टिन ने 143 मैच खेले। वनडे मैचों में मार्टिन ने 4 शतक और 34 अर्द्धशतक के साथ 4704 रने बनाया। इस खिलाड़ी का हाईएस्‍ट स्‍कोर 107 रन रहा है। बॉलिंग में मार्टिन अपने वनडे करियर में 29 विकेट हासिल किए। मार्टिन को बल्‍लेबाजी में स्‍टाइलिश शॉट लगाने के लिए भी जाना जाता है।

सनथ जयसूर्या (1996)
श्रीलंका के इस बेहतरीन खिलाड़ी को हरफनमौला प्रदर्शन के लिए 1996 में मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब दिया गया। इस विश्‍वकप में ताबड़तोड़ बल्‍लेबाजी करते हुए 7 विकेट भी हासिल किए थे। सनथ टेरन जयसूर्या ने अपने वनडे करियर की शुरुआत 1998 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ की थी। जय सूर्या ने 445 मैंचों में 13430 रन बनाए हैं। वनडे में रनों का पहाड़ बनाने वाले इस खिलाड़ी के नाम 28 शतक और 68 अर्द्धशतक हैं। बॉलिंग में सनथ ने 323 विकेट हासिल किए हैं। बॉलिंग में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 29 रन देकर 6 विकेट रहा है। कई सालों तक श्रीलंका टीम के कप्‍तान रहे सनथ को विश्‍व के बेस्‍ट बैट्समैन के तौर पर गिना जाता है।

लांस क्‍लूजनर (1999)
साउथ अफ्रीका के लांस क्‍लूजनर को आक्रामक बल्‍लेबाजी के लिए जाना जाता है। 1999 में इंग्‍लैंड, आयरलैंड और वेल्‍स की मेजबानी में हुए विश्‍व कप में लांस क्‍लूजनर मैन ऑफ द टूर्नामेंट के पुरस्‍कार से नवाजे गए थे। इस विश्‍व कप में क्‍लूजनर विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए 281 रन ठोके थे। बॉलिंग में भी इस खिलाड़ी बढि़या प्रदर्शन करते 17 विकेट हासिल किए थे। इस ऑलराउंडर प्‍लेयर ने अपने वनडे करियर की शुरुआत इंग्‍लैंड के खिलाफ 1996 में की थी। 171 वनडे मैचों में क्‍लूजनर ने 3576 रन बनाए। उनके खाते में 2 शतक और 19 अर्द्धशतक शामिल हैं। क्‍लूजनर का सर्वश्रेष्‍ठ स्‍कोर नाबाद 103 रन है। बॉलिंग के क्षेत्र में इस प्‍लेयर ने 192 विकेट हासिल किए। 49 रन देकर 6 विकेट क्लूजनर की सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाजी आंकड़ा है।

सचिन तेंदुलकर (2003)
भारतीय टीम की बल्‍लेबाजी की रीढ़ रहे सचिन रमेश तेंदुलकर को क्रिकेट जगत में लोग भगवान मानते हैं। इस खिलाड़ी ने विश्‍व के लगभग सभी रिकॉर्ड अपने नाम किए। 2003 के वर्ल्‍ड कप में इस खिलाड़ी ने विपक्षी गेंदबाजों की खूब खबर ली। गेंदबाजों की धुनाई करने वाले इस बल्‍लेबाज ने विश्‍व कप में 673 रनों का पहाड़ बनाया और मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए। क्रिकेट जगत में लिटिल मास्‍टर के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी की बल्‍लेबाजी का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि तत्‍कालीन सर्वश्रेष्‍ठ आस्‍ट्रेलियाई गेंदबाज शेन वार्न के सपने में सचिन तेंदुलकर उनकी पिटाई करते थे। यह बात खुद शेन वार्न ने एक इंटरव्‍यू में कुबूल की थी। सचिन ने अपने वनडे करियर की शुरुआत पाकिस्‍तान के खिलाफ 1989 में की थी। अपने पहले ही मैच में सचिन शून्‍य पर आउट हुए थे। सचिन ने वनडे में 463 मैचों में 18426 रन बनाए हैं। उनके नाम 49 शतक और 96 अर्द्धशतक हैं। सचिन का हाईएस्‍ट स्‍कोर 200 रन है। एक पारी में अकेले 200 रन बनाने वाले वह एकलौते बल्‍लेबाज रहे। बाद में उनके साथी सहवाग और रोहित शर्मा ने यह रिकॉर्ड तोड़ा। बॉलिंग के क्षेत्र सचिन के खाते में 154 विकेट हैं।

ग्‍लेन मैक्‍ग्राथ (2007)
आस्‍ट्रेलियाई टीम की गेंदबाजी के रीढ़ रहे ग्‍लेन मैक्‍ग्राथ को 2007 के विश्‍वकप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। विश्‍वकप में 26 विकेट लेने वाले इस खिलाड़ी ने अपनी घातक गेंदबाजी से बल्‍लेबाजों की नाक में दम कर दिया। ग्‍लेन डोनाल्‍ड मैक्‍ग्राथ ने अपने वनडे करियर की शुरुआत साउथ अफ्रीका के खिलाफ 1993 में की थी। आस्‍ट्रेलिया टीम के इस तेज गेंदबाज के खाते में 250 मैचों में 381 विकेट हैं। मैक्‍ग्राथ बेस्‍ट बॉलिंग स्‍कोर 15 रन पर विकेट चटकाने का रहा है। मूलरूप से तेज गेंदबाज रहे मैक्‍ग्राथ ने 115 रन भी बनाए हैं।

युवराज सिंह (2011)
भारतीय टीम के मध्‍यक्रम के आक्रामक बल्‍लेबाज के रूप में मशहूर रहे युवराज सिंह ने 2011 के विश्‍व कप में अपने हरफनमौला प्रदर्शन से 362 रन बनाने के साथ ही 15 विकेट भी हासिल किए। युवराज के शानदार प्रदर्शन पर उन्‍हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। केन्‍या के खिलाफ 2000 में अपने वनडे करियर की शुरुआत करने वाले युवराज सिंह ने अब तक 304 मैचों में 8701 रन बना चुके हैं। वनडे में 14 शतक और 52 अर्द्धशतक लगाने वाला यह खिलाड़ी गेंदबाजी में भी उम्‍दा रहा है। अब तक 111 विकेट चटका चुके युवराज सिंह 31 रन देकर 5 विकेट भी हासिल कर चुके हैं। अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्‍के जड़ने का रिकॉर्ड युवराज सिंह के पास है। उनका यह रिकॉर्ड आज तक कोई भी खिलाड़ी नहीं तोड़ पाया है।

मिचेल स्‍टार्क (2015)
इस ऑस्‍ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने अपनी बलखाती गेंदों से शीर्ष बल्‍लेबाजों को शिकार बनाया है। 2015 के विश्‍वकप में मिचेल ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 22 विकेट हासिल किए। मिचेल एरोन स्‍टार्क ने अपने वनडे करियर की शुरुआत भारत के खिलाफ 2010 में की थी। अब तक 75 वनडे मैच खेल चुके मिचेल ने 145 बल्‍लेबाजों को अपना शिकार बनाया है। बाएं हाथ से बॉलिंग करने वाले इस खिलाड़ी का बेस्‍ट बॉलिंग स्‍कोर 28 रन देकर 6 विकेट रहा है।  

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Posted By: Rizwan Mohammad