नई दिल्ली। टी 20 व‌र्ल्ड कप के शुरुआती दो मुकाबले में टीम इंडिया ने पाकिस्तान और वेस्टइंडिज को बेशक हरा दिया, मगर टीम में अभी भी कुछ ऐसी कमियां हैं जिस पर काम करने की जरूरत है और अगर उन कमियों को दूर नहीं किया गया तो टीम इंडिया की आगे की राह आसान नहीं होगी। आइए, एक-एक कर जानते हैं इन कमियो के बारे में..

1.ओपनर्स को लेनी होगी जिम्मेदारी

टीम इंडिया के मौजूदा ओपनर शिखर धवन और रोहित शर्मा शानदार खिलाड़ी हैं और वो अपनी उपयोगिता साबित भी करते रहे हैं, मगर पिछले काफी दिनों से उन दोनों के बीच बड़ी पार्टनरशिप नहीं हो रही जिसकी वजह से बाद के खिलाड़ियों पर प्रेशर बढ़ जाता है और टीम को मन मुताबिक सफलता नहीं मिल पाती। साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और एशिया कप के दौरान टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिली और नतीजा पूरी दुनिया ने देखा। टी 20 व‌र्ल्ड कप के पहले मुकाबले में दोनों के बीच अच्छी पार्टनरशिप हुई, मगर दोनों बल्लेबाज उसे बड़ी पारी में बदलने में कामयाब नहीं रहे। वेस्टइंडीज के खिलाफ शिखर धवन शून्य पर आउट हो गए। रोहित के अच्छी पारी खेली मगर दोनों के बीच पहले विकेट के लिए अच्छी पार्टनरशिप नहीं हुई। कुल मिलाकर टीम के दोनों ओपनर को ना सिर्फ बेहतर शुरुआत करनी पड़ेगी बल्कि बड़ी पारी भी खेलनी पड़ेगी।

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2.मध्यक्रम में युवी का लय में लौटना जरूरी

टीम इंडिया के मध्यक्रम के बल्लेबाज बड़े मैच विनर हैं। उनकी काबिलियत पर शक नहीं किया जा सकता, मगर एक बार फिर 2007 का इतिहास दोहराने के लिए युवी का फार्म में होना जरूरी है। 2007 में जब टीम इंडिया ने व‌र्ल्ड कप जीता था उस सीरीज में युवी का बल्ला ऐसा बोला कि दुनिया के गेंदबाज उनके नाम से थर्रा गए, मगर 2014 टी 20 व‌र्ल्ड कप में युवी बदले से दिख रहे हैं और अपनी लय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में अगर 2014 में टीम को टीम 20 व‌र्ल्ड चैम्पियन बनना है तो युवी को बेहतरीन बैटिंग करनी पड़ेगी।

3. स्पिनर्स को करनी होगी और मेहनत

एशियाई सरजमीं पर हमेशा से ही स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है। बांग्लादेश में भी टी 20 व‌र्ल्ड कप में स्पिनर्स टीम की जीत में अहम भूमिका निभा रहे हैं, मगर टीम इंडिया में अमित मिश्रा को छोड़कर, आर. अश्विन और रवीन्द्र जडेजा वैसा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे जिसके लिए वो जाने जाते हैं। यानी टीम के स्पिनर्स को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कसी हुई गेंदबाजी करनी पड़ेगी।

4.तेज गेंदबाजों पर देना होगा ध्यान

इसमें कोई शक नहीं कि टीम इंडिया की तेज गेंदबाज दूसरे कई देशों के मुकाबले कमजोर हैं। साउथ अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड या इंग्लैंड के तेज गेंदबाज हमसे कहीं आगे हैं। ये भी सच है कि एकदम से हमारी गेंदबाजी वैसी नहीं हो सकती मगर, टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भी चाहें तो बढि़या प्रदर्शन कर सक ते हैं। खासकर डेथ ओवर्स में तेज गेंदबाजों को अपना प्रदर्शन और सुधारने की जरूरत है।

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5.फील्डिंग टीम की बड़ी कमजोरी

टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी खुद भी मानते हैं कि फील्डिंग टीम की कमजोर कड़ी है। कई अहम मौके पर कैच नहीं पकड़ने या रन को रोकने में कामयाब नहीं रहने का असर टीम पर पड़ता है। साथ ही इससे गेंदबाज का भी मनोबल कमजोर होता है। ऐसे में टीम के हर खिलाड़ी को फील्डिंग पर और काम करने की जरूरत है। पहले दो मुकाबलों में भी कई मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों ने आसान कैच भी टपकाए हैं।

इन कुछ कमियों पर अगर टीम इंडिया के खिलाड़ी पार पा जाते हैं तो 2014 टी 20 व‌र्ल्ड कप की राह आसान हो जाएगी।

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