नई दिल्ली। पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को बहाल करने का यह सही समय है। अकरम ने कहा कि उपमहाद्वीप के क्रिकेट प्रेमियों को क्रिकेट की इस शानदार मैदानी प्रतिद्वंद्विता का लुत्फ उठाने से और वंचित नहीं रखना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा कहा है कि खेलों और राजनीति को आपस में जोड़ना नहीं चाहिए। भारत और पाकिस्तान के मैचों में जबर्दस्त क्रिकेट देखने को मिलती है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम खेल से इतर कारणों से इसका मजा उठाने से वंचित हैं।' अकंरम का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सोमवार को नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं।

रिवर्स स्विंग के सुल्तान ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी से आइपीएल की चमक और सरहद पार लोकप्रियता भी बढ़ेगी। आइपीएल के पहले सत्र (2008) के बाद से मुंबई आतंकवादी हमले के कारण इस टी-20 लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ी भाग नहीं ले सके हैं। कोलकाता नाइटराइडर्स के गेंदबाजी कोच ने कहा, 'मैंने पहले भी कहा है कि खेलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी से वे टीमें मजबूत होती, जिनके लिए वे खेलते। पाकिस्तान में आइपीएल काफी लोकप्रिय है और यदि पाकिस्तानी खिलाड़ी इसमें भाग लेंगे तो इसकी लोकप्रियता और बढ़ेगी।'

इस साल निराशाजनक शुरुआत के बाद लगातार छह मैच जीतने वाली केकेआर के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि नए खिलाड़ियों के संयोजन की वजह से नतीजे आने में समय लगता है। अकरम ने कहा, 'टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी है और अच्छा प्रदर्शन होना ही था। अब सभी एक इकाई के रूप में अच्छा खेल रहे हैं जिससे नतीजे मिल रहे हैं।' पाकिस्तान के लिए 104 टेस्ट में 414 और 356 वनडे में 502 विकेट ले चुके इस गेंदबाज ने गौतम गंभीर की नेतृत्व क्षमता की भी तारीफ की।

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