नई दिल्ली। कभी बल्लेबाजों को अपनी गेंदों से बोल्ड करने वाले राजस्थान रॉयल्स के एस श्रीसंत ने यह कभी नहीं सोचा था कि एक जज उन्हें बोल्ड करेगा। स्पॉट फिक्सिंग मामले में पकड़े गए श्रीसंत को जब दिल्ली पुलिस ने साकेत कोर्ट में पेश किया तो श्रीसंत अपने तर्को से जज को बहलाने की कोशिश करने लगे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि वही जज उनकी बोलती बंद कर देगा। उनके पास कोई जवाब नहीं बचेगा। वे खुद का बचाव करने लायक नहीं रहेगा।

जब श्रीसंत ने जज के सामने एक तर्क दिया तो जज ने उसके जवाब में कहा कि 'मैं भी कभी तेज गेंदबाज था। मुझे पता है कि कौन सी गेंद कहां फेंकने पर बल्लेबाज कितने रन लेगा। यदि कोई गेंदबाज सामने वाले खिलाड़ी के खेल को देखकर यह नहीं बता सकता कि उसकी गेंद बैट से लगने पर कहां जाएगी तो उसका क्रिकेट खेलना ही बेकार है।' यह टिप्पणी साकेत कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी लोकेश कुमार शर्मा ने क्रिकेटर श्रीसंत को अदालत में पेश किए जाने के बाद उनकी ओर से दिए गए एक तर्क को खारिज करते हुए दी।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने गुरुवार को आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों- एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंदीला को मुंबई से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 11 सट्टेबाज भी पकड़े गए हैं। इन सभी को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

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