नई दिल्ली। आईपीएल 6 स्पॉट फिक्सिंग में फंसे तीन क्रिकेटर्स एस. श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण के लिए बुरी खबर है। दिल्ली पुलिस ने तीनों खिलाड़ियों समेत 26 आरोपियों पर मकोका लगा दिया। अब इस पूरे मामले की सुनवाई मकोका अदालत में होगी। पुलिस के अनुसार इस केस का संबंध दाऊद गैंग के साथ हो सकता है। इस बात का उनके पास पुख्ता सबूत है।

वहीं दिल्ली पुलिस ने आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में बुकी अश्रि्वनी अग्रवाल उर्फ टिंकू और रमेश व्यास के खिलाफ प्रोडक्शकन वारंट जारी किया है। पुलिस ने अदालत को बताया कि दोनो दाउद इब्राहिम गैंग से जुडे़ हुए थे और उनकी व दाउद इब्राहिम गैंग के लोगों के बीच फोन पर हुई बातचीत पकडी गई।

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वहीं, दूसरी तरफ श्रीसंत और अजीत चंदीला की जमानत याचिका साकेत कोर्ट में रद्द हो गई और न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी गई। दोनों अब 18 जून तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे। दोनों क्रिकेटर्स के साथ-साथ 12 अन्य आरोपियों को भी जमानत नहीं मिली। अदालत ने कहा कि चूंकि आरोपियों पर दिल्ली पुलिस ने मकोका लगाने की सिफारिश की है, इसलिए इसकी सुनवाई भी अब मकोका कोर्ट में ही होगी। गौरतलब है कि तीसरा आरोपी क्रिकेटर अंकित चव्हाण 6 जून तक सशर्त जमानत पर रिहा है। पुलिस के पास इन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइनल करने के लिए अब छह महीने का वक्त होगा।

क्या है मकोका

महाराष्ट्र सरकार ने 1999 में मकोका बनाया था, जिसका मकसद अंडरव‌र्ल्ड की संगठित गतिविधियों से निपटना है। वर्ष 2002 में दिल्ली में भी यह कानून लागू कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के अधिकारी बताते हैं कि जबरन वसूली, अपहरण व संगठित तौर पर अन्य अपराध करने वाले बदमाश इसमें निरुद्ध किए जा सकते हैं। मकोका में जमानत का प्रावधान नहीं है और अधिकतम सजा फांसी है, जबकि कम से कम पांच साल की सजा का प्रावधान है।

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