नई दिल्ली, जेएनएन। इंडियन प्रीमियर लीग के 12वें सीजन के 25वें मैच में महेंद्र सिंह धौनी ने फिफ्टी जड़ी। इसी के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने IPL 2019 की 6वीं जीत हासिल कर ली। सीएसके ने इस मुकाबले में मेजबान राजस्थान रॉयल्स को चार विकेट से हरा दिया। वहीं, बतौर कप्तान एमएस धौनी के खाते में ये आइपीएल करियर की 100वीं जीत थी। इसके अलावा धौनी ने एक और कारनामा किया जिसके लिए उन्हें 6 साल का इंतजार करना पड़ा। 

दरअसल, आइपीएल के इतिहास में महेंद्र सिंह धौनी अक्सर आतिशी पारियां खेलकर टीम को मैच जिताते रहे हैं। लेकिन साल 2013 के बाद ऐसा पहली बार था जब धौनी को आइपीएल के एक सीजन में दूसरी बार मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला। धौनी को आखिरी बार 2013 में आइपीएल के एक सीजन में दो मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड मिले थे। वहीं, साल 2014 से लेकर 2018 तक वे हर सीजन में एक-एक बार ही मैन ऑफ द मैच चुने गए।

धौनी को भले ही दूसरी बार इस साल मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला हो, बतौर कप्तान 100वीं आइपीएल जीत मिली हो या फिर एक और मैच जीतकर सीएसके 12 अंकों के साथ IPL 2019 की प्वाइंट्स टेबल में पहले पायदान पर पहुंच गई हो। लेकिन, इस मुकाबले में धौनी और अंपायर के बीच हुई बहस की वजह से CSK और धौनी की जीत का जश्न फीका रहा। ऐसा पहली बार था जब कैप्टन कूल धौनी आगबबूला हो गए और मैदान पर जाकर अंपायर्स से बहस करने लग गए। हालांकि, इसके लिए उन पर जुर्माना भी लगा है। लेकिन धौनी ने अपने फैंस के बीच अपना सम्मान थोड़ा बहुत कम कर लिया है। 

IPL 2019 में धौनी ने इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड हासिल किया था। चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम पर खेले गए उस मुकाबले में धौनी के बल्ले से 46 गेदों में नाबाद 75 रन निकले थे। धौनी की ही इस पारी की बदौलत सीएसके ने वो मैच 8 रन से जीता था। वहीं, गुरुवार को खेले गए मुकाबले में धौनी ने 43 गेंदों में 58 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 3 छक्के शामिल थे। 

Posted By: Vikash Gaur