नई दिल्ली, जेएनएन। आइपीएल-12 के फाइनल मैच में डिफेंडिंग चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स को एक रन से हराकर मुंबई इंडियंस ने चौथी बार ट्रॉफी अपने नाम की। आइपीएल चैंपियंस की बात हो तो टूर्नामेंट की शुरुआत से ही मुंबई और चेन्नई का जबरदस्त दबदबा रहा है। मुंबई इंडियंस ने चार बार तो चेन्नई सुपर किंग्स तीन बार आइपीएल चैंपियन रह चुकी है। इनके अलावा सिर्फ केकेआर ने दो फाइनल मुकाबले जीते हैं। भले ही मुंबई और चेन्नई आइपीएल का खिताब जीतने में माहिर हो लेकिन जब सबसे ज्यादा रन बनाने की बात आती है तो ये दोनों टीमें पीछे हैं। 

ऑरेंज कैप की बादशाह है सनराइजर्स हैदराबाद
सनराइजर्स हैदराबाद एक ही बार आइपीएल चैंपियन बनी है लेकिन विलियमसन की कप्तानी वाली ये टीम टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम हमेशा टॉप टीमों में शुमार रहती है। खासकर बल्लेबाजी टीम की मजबूती है इसलिए रन बनाने के मामले में हैदराबाद सभी टीमों से आगे है। 2019 के सीजन में ऑरेंज कैप हैदराबाद के ओपनिंग बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के नाम रही। वॉर्नर ने 12 पारियों में 143.86 के स्ट्राइक रेट के साथ 692 रन बनाए। इससे पहले भी हैदराबाद तीन बार ऑरेज कैप पर कब्जा जमा चुकी है।

कब-कब जमाया ऑरेंज कैप पर कब्जा

साल 2015 - डेविड वॉर्नर - 562 रन    
साल 2017 - डेविड वॉर्नर - 641 रन
साल 2018 - केन विलियमसन - 735 रन
साल 2019- डेविड वॉर्नर - 692 रन

विराट की RCB भी नहीं है पीछे 
साल 2013 में SRH के आने के बाद से अगर साल 2016 को छोड़ दिया जाए तो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज सनराइजर्स हैदराबाद ने ही दिए हैं। हैदराबाद के बाद दूसरे नम्बर पर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर आती है। बैंगलोर ने भले ही इस साल संघर्ष किया हो लेकिन टूर्नामेंट के इतिहास में इस टीम से भी सबसे ज्यादा रन निकले हैं। RCB ने कुल तीन बार ऑरेंज कैप हासिल की है।  

साल 2011 - क्रिस गेल - 608 रन
साल 2012 - क्रिस गेल - 733 रन
साल 2016 - विराट कोहली - 973 रन

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Posted By: Ruhee Parvez