नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली कैपिटल्स (DC) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच मैच क्वालीफायर मैच खेला जाने वाला है। ऐसे बड़े मैचों में टीम संयोजन दो टीमों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। दिल्ली के लिए भी यह बड़ा सवाल होगा कि वह चेन्नई के खिलाफ किस-किस विदेशी खिलाड़ी को मौका देगें। दिल्ली की टीम में रबाडा के वापस लौट जाने के बाद अभी सात विदेशी खिलाड़ी उपलब्ध हैं। दिल्ली की टीम पिच और चेन्नई की कमजोरियों को ध्यान में रखते हुए इसका निर्णय ले सकती है।

दिल्ली की टीम फिलहाल जो सात विदेशी खिलाड़ी हैं, जिनमें किसी चार को मौका मिल सकता है। हैदराबाद के खिलाफ टीम में ट्रेंट बोल्ट, कॉलिन मुनरो, शरफेन रदरफोर्ड और कीमो पॉल को जगह मिली थी। अब चेन्नई के खिलाफ कुछ बदलाब देखने को मिल सकता है। टीम नेपाली खिलाड़ी संदीप लामिछाने को खिलाया जा सकता है। वह स्पिन के अच्छे विकल्प हो सकते हैं

पिछले मैच में किनको मिली थी जगह

ट्रेंट बोल्ट
कागिसो रबाडा के वापस जाने के बाद टीम से गेंदबाजी का जिम्मा बोल्ट के कंधों पर है। हालांकि, बोल्ट ने इस सीजन में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। पिछले मैच में बोल्ट सबसे महंगे साबित हुए थे। इससे पहले महेंद्र सिंह धौनी भी उनके खिलाफ आखिरी ओवर 20 रन बना चुके हैं। ऐसे में उनके बाहर होने की उम्मीद है।

कॉलिन मुनरो
दिल्ली ने हैदराबाद के खिलाफ इनग्रम की जगह मुनरो को टीम में शामिल किया था। मुनरो ने टीम के लिए कोई खास योगदान नहीं दिया। वह 13 गेंद खेलकर सिर्फ 14 रन ही बना सके। अब सवाल है कि क्या उन्हें वापस मौका मिलेगा या नहीं ?

कीमो पॉल
कीमो पॉल को टीम में शामिल करना दिल्ली के लिए फायदेमंद रहा। क्रिस मॉरिस की जगह टीम में आए कीमो ने डेथ ओवर्स में अच्छी गेंदबाजी की। बैंटिंग के दौरान जब टीम मझधार में थी, तब कीमो ने चौका लगाकर टीम को जीत दिलाई थी।

शरफेन रदरफोर्ड
रदरफोर्ड के आने से टीम एक संतुलन-सा आ गया है। वह न सिर्फ आखिरी में आकर तेजी से बल्लेबाजी करते हैं, बल्कि मिडिल ऑर्डर को संभालते भी है। इस सीजन कागिसो रबाडा के बाद वह दिल्ली के लिए सबसे सफल विदेशी खिलाड़ी रहे हैं। ऐसे में उनका खेलना लगभग तय है।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Rajat Singh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप