योगेश शर्मा, नई दिल्ली। मुंबई इंडियंस को उसके घर में करारी शिकस्त देने के बाद दिल्ली कैपिटल्स की टीम को मंगलवार को यहां फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में आइपीएल के 12वें सत्र के मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स की कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

दिल्ली की युवा टीम के पास के रिषभ पंत हैं जिन्होंने मुंबई के खिलाफ 27 गेंदों में 78 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर मैच का पासा ही पलट दिया था। हालांकि, दिल्ली के टीम प्रबंधन ने मुंबई के खिलाफ अंतिम एकादश में पांच बल्लेबाजों को शामिल किया था, लेकिन चेन्नई के खिलाफ वह यह गलती करने से बचना चाहेगा, क्योंकि पिछले मैच में शुरुआती विकेट गिरने के बाद पंत ने टीम की पारी को संभाल लिया था, लेकिन इस बार महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी वाली चेन्नई की स्पिन तिकड़ी हरभजन सिंह, इमरान ताहिर और रवींद्र जडेजा से बचाना आसान नहीं होगा।

पंत निशाने पर

पंत किसी भी परिस्थिति में मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं। पंत की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसके घर में और भारत में टी-20 सीरीज खराब रही थी और इसका भरपाई वह आइपीएल के इस सत्र से करना चाहेंगे। चतुर कप्तान धौनी ने अपनी स्पिन तिकड़ी से विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे बल्लेबाजों को चलने नहीं दिया था और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर को एकतरफा अंदाज में सात विकेट से रौंदा था। इस तिकड़ी से ही धौनी इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को रोकना चाहेंगे क्योंकि पंत की स्पिनरों को सही तरीके से खेलने की कमी उजागर हुई है। जब पंत क्रीज पर उतरेंगे तब धौनी अपने मुख्य स्पिनरों को उनके सामने लगा सकते हैं। क्योंकि कोटला की पिच मैच धीरे-धीरे धीमी होती जाती है। हालांकि यह मुकाबला पंत बनाम धौनी भी कहा जा रहा है क्योंकि पंत के बल्ले पर धौनी का दिमाग भारी पड़ सकता है।

दिल्ली का तेज गेंदबाजों पर भरोसा

दिल्ली ने मुंबई के खिलाफ अपने पहले मैच में तेज गेंदबाजों पर भरोसा दिखाया था जिसमें इशांत शर्मा, ट्रेंट बोल्ट, कैगिसो रबादा और कीमो पॉल शामिल थे। इशांत का प्रदर्शन ठीक रहा था और उन्होंने तीन साल बाद आइपीएल में कोई विकेट मिला था। वहीं, ट्रेंट बोल्ट (1/42) महंगे साबित हुए तो रबादा (2/23) और पॉल (1/23) कुछ हद तक अपना प्रभाव छोड़ पाए। दिल्ली का टीम प्रबंधन चेन्नई के खिलाफ तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर क्रिस मौरिस को पॉल की जगह अंतिम एकादश में शामिल कर सकता है। मौरिस जरूरत पड़ने पर अपने बल्ले से योगदान दे सकते हैं।

शॉ और धवन से उम्मीद 

मुंबई के खिलाफ युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ का बल्ला खामोश रहा था जो सात रन पर आउट हो गए थे। वहीं, धवन ने 43 रनों की पारी खेलकर टीम में अपनी वापसी अच्छी की थी। चेन्नई के दमदार गेंदबाजी आक्रमण के सामने दिल्ली को अपने सलामी बल्लेबाजों से अच्छी शुरुआत की उम्मीद रहेगी। वहीं, कप्तान श्रेयस अय्यर भी अच्छी पारी खेलने के इंतजार में होंगे।

अपने हाथ खोलना चाहेंगे धौनी

बेंगलूर के खिलाफ मात्र 71 रनों के लक्ष्य के सामने चेन्नई के बल्लेबाजों को 17.4 ओवर तक खेलने पड़ गए थे और उसके तीन बल्लेबाजों आउट हो गए थे। इस दौरान धौनी को बल्लेबाजी का मौका तक नहीं मिला था जबकि उनके अनुभवी बल्लेबाज शेन वॉटसन अपना खाता तक नहीं खोल पाए थे। दिल्ली के खिलाफ धौनी और वॉटसन के अलावा लीग में 5000 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज सुरेश रैना भी अपने हाथ खोलना चाहेंगे।

विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत ने कहा, 'टीम की जरूरत के अनुसार मुझे किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने में खुशी होगी। शीर्ष क्रम में मेरा सफर शानदार रहा है। मैं अपने क्रिकेट करियर में रोजाना कुछ सीखने का प्रयास कर रहा हूं। जब आपकी टीम जीतती है तो अच्छा लगता है। मैं अधिकांश समय स्थिति के अनुसार खेलने का प्रयास करता हूं। जब टीम के लिए रन गति बढ़ाने की जरूरत होती है तो मैं जोखिम उठाता हूं। विशेषकर टी-20 में आपको कुछ अलग करना होता है। गेंदबाज जब आपको शॉट खेलने के लिए जगह नहीं देते तो आपको खुद जगह बनानी होती है।'

चेन्नई सुपरकिंग्स के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा,  'हम पंत का सम्मान करते हैं, लेकिन हमारा ध्यान सिर्फ उन पर नहीं हैं। इस टूर्नामेंट में आपको इतने सारे खिलाडि़यों का सम्मान करना होता है और वह उनमें से एक है। दिल्ली के पास शिखर धवन, कोलिन इंग्राम और श्रेयस अय्यर भी है। हमें सिर्फ उनकी एक कमी की पहचान करके उस पर काम करना है।'

दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान  श्रेयस अय्यर ने कहा,  'मुंबई के खिलाफ हमारा मैच अच्छा रहा और हम आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। मुझे गत चैंपियन चेन्नई के खिलाफ खिलाडि़यों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। यह एक कड़ा मैच रहेगा। चेन्नई के खिलाफ अनुभवी खिलाड़ी हैं और हमने देखा कि उन्होंने बेंगलूर को कैसे हराया। हम अपने प्रशंसकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं।'

नंबर गेम 

- 06 मुकाबलों में ही दिल्ली कैपिटल्स की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स को आइपीएल में हरा पाई है। दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 18 मैच खेले गए हैं जिसमें दिल्ली को 12 में शिकस्त मिली है।

- 34 रनों से दिल्ली ने अपने घर में चेन्नई सुपरकिंग्स को पिछले मुकाबले में शिकस्त दी थी। यह मैच पिछले साल 18 मई को खेला गया था।

- 05 पिछले मैचों में दिल्ली और चेन्नई की भिड़ंत में चेन्नई की टीम का पलड़ा भारी रहा है। चेन्नई ने तीन मुकाबले जीते हैं जबकि दो गंवाए हैं।

Edited By: Tanisk

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