अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। डंकन फ्लेचर का टीम इंडिया के मुख्य कोच के तौर पर कार्यकाल खत्म हो गया है और बीसीसीआइ नए कोच की खोज में जुटा है। इसको लेकर सौरव गांगुली के नाम की भी खबरें सामने आईं। यही नहीं टीम इंडिया को अगले महीने बांग्लादेश में एक टेस्ट मैच और तीन वनडे खेलने के लिए जाना है। इन सब मुद्दों पर पूर्व भारतीय कप्तान और स्टार स्पोर्ट्स के कमेंटेटर कपिल देव ने बातचीत की। पेश हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंश...


टीम इंडिया के नए कोच को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है। आप क्या कहेंगे?

मेरा मानना है कि यह कोच नहीं मैनेजर होता है जो खिलाडिय़ों में जोश भरता है, उनकी मानसिक रूप से मदद करता है और अन्य जरूरतों पर ध्यान देता है। मान लीजिए किसी बल्लेबाज को टीम इंडिया का कोच बनाया जाए तो वह महेंद्र सिंह धौनी को विकेटकीपिंग के बारे में क्या सिखाएगा। धौनी को तो विकेटकीपिंग सैयद किरमानी या किरण मोरे जैसे कोच सिखा सकते हैं। उसी तरह कोई स्पिनर अगर कोच बनता है तो वह विराट जैसे बल्लेबाज को बल्लेबाजी की बारीकियां नहीं सिखा सकता।

कोच, हाई परफॉर्मेंस मैनेजर और सलाहकार को लेकर गांगुली के नाम की चर्चा हो रही है, लेकिन उन्होंने ही एक समय भारतीय कोच को नकारा था?

उनसे इस बारे में पूछना चाहिए कि जब वह कप्तान थे तो उन्होंने देसी कोच की नियुक्ति को लेकर सवाल क्यों उठाए थे। वह विदेशी कोच रखने के पक्ष में थे। क्या अब वह टीम इंडिया का कोच बनना चाहते हैं और क्यों? यह सवाल उनसे पूछे जाने चाहिए।

क्या बांग्लादेश दौरे को हल्के में नहीं लेना चाहिए?

जो लोग इसे हल्के में ले रहे हैं, उन्हें इस दौरे पर जाना ही नहीं चाहिए। उन्हें छुट्टी ले लेनी चाहिए। चयनकर्ताओं को भी उनका चयन नहीं करना चाहिए। जब आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हो तो देश के लिए खेलते हो और इसमें किसी मैच को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

आपको टीम इंडिया के इस दौरे से क्या उम्मीद है?

मेरे लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण दौरा है, क्योंकि आगे होने वाली सीरीजों से पहले यह भारतीय टीम के लिए अभ्यास का बढिय़ा मौका है। इससे यह तय हो जाएगा कि हमारे चयनकर्ता और कप्तान क्या सोचते हैं? आठ-नौ साल से जो टेस्ट टीम के कप्तान थे वह चले गए हैं और उनकी जगह नए कप्तान आए हैं। मैं बहुत बारीकी से इसे देखूंगा। इससे पता चलेगा कि ये लड़के देश के लिए कैसे खेलना चाहते हैं?

विराट की कप्तानी के बारे में क्या कहेंगे?

सच कहूं, जब महेंद्र सिंह धौनी नए-नए आए थे तो शुरू के दो साल मुझे नहीं लगा कि वह लंबे समय तक कप्तानी कर पाएंगे, लेकिन उन्होंने कितने कीर्तिमान रचे। कोहली को भी तुरंत आंकना ठीक नहीं होगा। उन्हें कुछ समय देना होगा। साल, दो साल तक उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन देखना होगा। यह देखना होगा कि वह कैसे अपने साथियों को आगे लेकर चलते हैं। जो प्रदर्शन नहीं कर पाएं, उनसे प्रदर्शन करवाना होगा। हर मैच जीतने की कोशिश करनी होगी।

बांग्लादेश का हाल में बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा है। क्या कहेंगे इस टीम के बारे में?

वे पिछले दो साल से बेहतर क्रिकेट खेल रहे हैं। इंग्लैंड को विश्व कप में हराया। क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। बांग्लादेश क्रिकेट टीम एक उभरती हुई ताकत बन रही है। मुझे यह टीम हर बार चौंकाती है। निश्चत ही अपने घर में यह टीम और खतरनाक है।

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Posted By: sanjay savern

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