विराट-गंभीर के बीच अनबन को खत्म करेंगे प्रज्ञान ओझा? चीफ सेलेक्टर बनने के बाद BCCI ने दी बड़ी जिम्मेदारी
प्रज्ञान ओझा को बीसीसीआई का नया चीफ सेलेक्टर बनाया गया है, जिनकी मुख्य जिम्मेदारी विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच कथित अनबन को सुलझाना है।

विराट कोहली-गौतम गंभीर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और हेड कोच गौतम गंभीर के बीच अक्सर अनबन की खबरें सामने आती रहती हैं। दोनों के बीच संवाद की कमी को लेकर भी कई बार जानकारी सामने आई है। ऐसे में अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के नए चीफ सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। ओझा के लिए सबसे बड़ी चुनौती गंभीर और कोहली के बीच की खाई को पाटनी होगी।
भारतीय टीम में पिछले कुछ समय से सीनियर खिलाड़ियों और कोच से अनबन की खबरें सामने आई हैं। रोहित शर्मा को लेकर भी ऐसा कहा जा रहा था कि उन्हें वर्ल्ड कप 2027 के लिए टीम मैनेजमेंट नहीं देख रहा है। हालांकि, रोहित ने अपने प्रदर्शन से सभी को जवाब दिया। दूसरी तरफ कोहली और गंभीर के बीच संवाद की कमी है, जिसको ठीक करने की जिम्मेदारी ओझा को दी गई है।
प्रज्ञान ओझा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
ओझा और विराट कोहली आपस में दोस्त हैं। दोनों ने साथ में 22 मैच खेले हैं और इसी वजह से क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें इस मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी दी है। उनके लिए ये सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि कोहली और गंभीर लंबे समय से एक-दूसरे से ठीक से बातचीत नहीं हो रही है। उन्हें इसी खाई को पाटनी होगी। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक विराट के साथ दोस्ती की वजह से ही ओझा को इस कार्य के लिए चुना गया है।
इससे पहले जब पूर्व चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर को भी रोहित को वनडे से बाहर किए जाने की जानकारी देनी थी, तो उन्होंने भी ओझा को ही जिम्मेदारी दी थी। ओझा ने रोहित को अगरकर का संदेश उस समय बताया था, जब वे दोनों इंग्लैंड में थे। ऐसे में अब चीफ सेलेक्टर बनने के बाद उनके लिए कोहली और गंभीर का मामला सुलझाना सबसे बड़ी चुनौती होने वाली है।
रमेश पोवार सेलेक्शन कमेटी में शामिल
बीसीसीआई ने अजीत अगरकर के कार्यकाल समाप्त होने के बाद चयनकर्ता पद के लिए आवेदन मांगा था। ऐसे में क्रिकेट सलाहकार समिति ने रमेश पोवार को सर्वसम्मति के साथ चुन लिया। ओझा ने भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेले थे, जिसके आधार पर उन्हें चीफ सेलेक्टर नियुक्त किया गया।
