नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। बीसीसीआइ के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना के बाद कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने भी कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी को आड़े हाथों लेते हुए बोर्ड के कामकाज को पदाधिकारियों से छुपाने और उन्हें अंधेरे में रखने का आरोप लगाया। इस समय बीसीसीआइ के सिर्फ तीन पदाधिकारी हैं लेकिन इसके बावजूद उनमें आपसी सामंजस्य नहीं है। खन्ना ने भी कुछ ऐसी ही मेल अमिताभ को लिखी थी।

बीसीसीआइ के जीएम (ऑपरेशंस) पद के लिए नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अनिरुद्ध ने कई आपत्तियां की थीं। इसके बाद अमिताभ ने उनका जवाब दिया था। छह नवंबर को अनिरुद्ध ने अमिताभ के जवाब की एक-एक करके बखिया उधेड़ी। दैनिक जागरण के पास मौजूद ईमेल में अनिरुद्ध ने लिखा कि मुझे और अन्य पदाधिकारियों को भी जीएम ऑपरेशंस की नियुक्ति की बात विज्ञापन के जरिए पता चल रही है। यही आपके काम करने के तरीके को दर्शाता है कि पदाधिकारियों को बोर्ड के अंदर होने वाले क्रियाकलाप का पता उन्हें विज्ञापन या मीडिया के जरिए पता चलता है। 

मालूम हो कि अनियमितताओं के आरोप के बाद एस. श्रीधर ने इस पद से इस्तीफा दे दिया था और बाद में उनका निधन भी हो गया। अनिरुद्ध ने अमिताभ को किए ईमेल में लिखा है कि 27 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) की बैठक के मिनट्स वेबसाइट में जारी किए गए थे जिसमें जीएम ऑपरेशंस की नियुक्ति के बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया था। इसके बाद सीओए की बैठक नवंबर में हुई तो इसके बीच में ही विज्ञापन कैसे निकाल लिया गया।

उन्होंने इस मेल में आरोप लगाया है कि इस पूरी प्रक्रिया के बारे में मुझे नहीं बताया गया और इसके बारे में 27 सितंबर की बैठक के मिनट्स में भी कुछ नहीं दर्ज किया गया है। उन्होंने इस नियुक्ति के लिए लगाई गई संस्था कॉर्न फेरी के तौर-तरीकों पर भी सवाल उठाए हैं। अनिरुद्ध ने सवाल उठाया कि इस प्रक्रिया में बीसीसीआइ के पदाधिकारियों को क्यों नहीं शामिल किया गया। कार्यवाहक अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को भी बीसीसीआइ और राज्य संघों का अनुभव है तो उन्हें भी जीएम ऑपरेशंस पद के साक्षात्कार लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए था। 

इसके जवाब में अमिताभ ने लिखा कि सीईओ राहुल जौहरी समय-समय पर मुझे इसकी प्रगति के बारे में बताते रहते हैं जिसके बाद अनिरुद्ध ने उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आपने बाकी पदाधिकारियों को इस बारे में क्यों अपडेट नहीं दिया। आपको कम से कम कार्यकारी अध्यक्ष को तो इससे अवगत कराना चाहिए था क्योंकि बीसीसीआइ के नियमों के मुताबिक आपको उनके अधीन ही काम करना है। आप और सीईओ के बाकी लोगों को कुछ नहीं बताने के कारण अन्य पदाधिकारियों को बीसीसीआइ में चल रही गतिविधियों के बारे में जानकारी नहीं होती और यह खराब प्रशासन का तरीका है। मुझे लगता है कि सीओए की तरफ से आपको जानकारी इसलिए दी जाती होगी कि आप उसे बाकी लोगों को भी बताएं।

उन्होंने आगे लिखा है कि सीओए से निवेदन है कि बाकी चुने गए प्रतिनिधियों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाए।

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Posted By: Bharat Singh

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