टी-20 विश्व कप से पहले टीम की ताकत बनकर उभरे शिवम दुबे, बोले- मैं अब अधिक स्मार्ट क्रिकेटर बन चुका हूं
टी-20 विश्व कप से पहले शिवम की यह पारी भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह बदलाव अचानक ...और पढ़ें
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शिवम दुबे ने बरपाया था कहर।
HighLights
शिवम दुबे ने खेली तूफानी पारी
15 गेंदों पर जड़ दिया अर्धशतक
एक ओवर में ठोके थे 29 रन
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे की विशाखापत्तनम में बुधवार रात खेली गई पारी लंबे समय तक याद रहेगी। शिवम ने लेग स्पिनर ईश सोढी के एक ओवर में 29 रन बटोर कर अधिक सुर्खियां बटोरीं, लेकिन तेज गेंदबाजों जैकब डफी और मैट हेनरी के विरुद्ध लगाए गए उनके तीन छक्के भी उतने ही महत्वपूर्ण थे। यह एक स्पष्ट संकेत था कि अब वह केवल स्पिनरों को ही निशाना नहीं बनाते हैं बल्कि तेज गेंदबाजों के विरुद्ध भी बड़े शॉट खेल सकते हैं।
टी-20 विश्व कप से पहले शिवम की यह पारी भारतीय टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह बदलाव अचानक नहीं आया। इसके संकेत पहले भी मिल चुके थे। 2024 टी-20 विश्व कप फाइनल में 16 गेंदों पर 27 रन, एशिया कप फाइनल में 22 गेंदों पर 33 रन और हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में नई गेंद से गेंदबाजी करना। ये सभी बड़े मंच और दबाव भरे मौके थे, जहां दुबे खरे उतरे।
विशाखापत्तनम का यह मैच हालांकि प्रयोगों के लिहाज से अलग था। भारत पहले ही सीरीज में 3-0 की बढ़त ले चुका था। टीम प्रबंधन ने जानबूझकर छह बल्लेबाजों के साथ उतरने का फैसला किया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि यह सब जानबूझकर किया गया, ताकि मुश्किल परिस्थितियों में खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया को परखा जा सके। ऐसी ही मुश्किल स्थिति में दुबे क्रीज पर आए। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या जल्दी लौट गए थे।
भारत की जीत की संभावना बेहद कम थी लेकिन शिवम दुबे ने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया, जो भारत का तीसरा सबसे तेज टी20 अर्धशतक है। अहम बात यह रही कि उन्होंने तेज गेंदबाजों के विरुद्ध भी 14 गेंदों पर 29 रन बनाए, जिससे न्यूजीलैंड किसी एक रणनीति पर टिक नहीं सका।
मैच के बाद शिवम ने कहा, "यह सब मेरी कड़ी मेहनत का नतीजा है। लगातार मैच खेलने और ऐसी परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने से मेरी मानसिकता बेहतर हो रही है। इसलिए मैं यहां समझने लग गया हूं कि आगे क्या होगा और गेंदबाज क्या सोच कर मेरे लिए गेंदबाजी करेगा। यही मेरे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के लिए अहम बात है।"
शिवम ने कहा, "मैं गौती भाई और सूर्या भाई की बदौलत गेंदबाजी कर पा रहा हूं। उन्होंने मुझे गेंदबाजी का मौका दिया है। इसलिए, जब आप गेंदबाजी करते हैं, तो आप थोड़े स्मार्ट (समझदार) हो जाते हैं। मैं इस पर भी काम कर रहा हूं और कुछ और कौशल विकसित करने की कोशिश कर रहा हूं। दुबे ने स्वीकार किया कि नियमित रूप से खेलने का मौका मिलने से पिछले कुछ महीनों में वह एक क्रिकेटर के रूप में काफी समझदार हो गए हैं।"
उन्होंने कहा, "मैंने वास्तव में कड़ी मेहनत की है। मुझे गेंदबाजी, बल्लेबाजी और सब कुछ करने का मौका मिला है। इसलिए, अनुभव नाम की भी कोई चीज होती है और वह मुझे मिल गया है और यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। लोग कई चीजों में सुधार करते हैं। सभी खिलाड़ी और टीम खुद को बेहतर बनाती रहती हैं। ऐसे में मैं कैसे पहले जैसे बने रह सकता हूं।"
दुबे ने कहा, "मैं प्रत्येक अगले मैच में थोड़ा बेहतर और स्मार्ट बनने की कोशिश करता हूं। इसलिए मैंने थोड़ा स्मार्ट बनना सीख लिया है। मैं यह समझ गया हूं कि मेरा मजबूत पक्ष क्या है और मैं कैसे उस पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकता हूं। दुबे का मानना है कि तेज गेंदबाजों के विरुद्ध अधिक सहज होकर खेलने से उन्हें विपक्षी टीम पर अधिक दबाव डालने में मदद करती है।"
