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जितेंद्र सिंह, जमशेदपुर। झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) के चुनाव की तिथि (22 सितंबर) जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, सदस्यता सूची में घालमेल की जानकारी भी सामने आनी शुरू हो गई है। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के जनरल मैनेजर (क्रिकेट ऑपरेशन) सबा करीम से लेकर केवीपी राव जैसे क्रिकेटर का नाम सदस्यता सूची से गायब है। दोनों ही पूर्व खिलाड़ी अविभाजित बिहार की ओर से खेल चुके हैं। यही नहीं 2017 की सदस्यता सूची में दोनों का नाम दर्ज हैं, लेकिन 2019 की सूची से नदारद है।

यह दूसरा मौका है जब सबा करीम को जेएससीए से बाहर किया गया है। 2006 में जेएससीए के हाई प्रोफाइल चुनाव में जब सबा ने अध्यक्ष पद के लिए खड़े राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री सुदेश महतो का समर्थन किया था, तब जीतने के बाद अमिताभ चौधरी गुट ने उन्हें जेएससीए से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। लेकिन जब उन्हें जीएम बनाया गया तो एक बार फिर जेएससीए में उनकी वापसी हो गई। अविभाजित बिहार की ओर से 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 212 विकेट लेने वाले केवीपी राव को भी बिना सूचना दिए जेएससीए ने बाहर कर दिया है।

जेएससीए के अध्यक्ष ने पल्ला झाड़ा

जब इस बाबत जेएससीए के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने पूछा गया तो इस मामले में यह कहते हुए कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया कि दस्तावेज सचिव देवाशीष चक्रवर्ती के पास रहते है। सचिव को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।

सदस्य बनने की प्रक्रिया

जेएससीए के सभी सदस्यों के पास मताधिकार है। वर्तमान में इसके 741 सदस्य हैं, जिनमें 23 जिलों के अलावा 64 क्लब व संस्थान भी शामिल हैं। सदस्य बनने के लिए आवेदन करना होता है। इसे मेंबरशिप स्क्रूटनी कमेटी पास करती है। उसके बाद यह प्रस्ताव कमेटी ऑफ मैनेजमेंट के पास जाता है। अंतिम मुहर वार्षिक आम सभा में लगती है। मेंबरशिप की राशि डिमांड ड्राफ्ट के जरिए जमा की जाती है। अगर सदस्यों की सदस्यता को लेकर जांच करनी हो तो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए इसका सत्यापन किया जा सकता है।

Posted By: Sanjay Savern

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