मुंबई,  क्लेटन मुर्जेलो (मिड डे)। भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने मीडिया में चल रही उन खबरों का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि प्रशासकों की समिति (सीओए) की बैठक में उन्हें उनकी 15 साल वाली टिप्पणी के लिए फटकार लगाई थी। खबरें थी कि सीओए के एक सदस्य ने मुख्य कोच से कहा था कि उन्हें लोगों को यह तय करने देना चाहिए कि क्या यह विदेशी दौरा करने वाली भारत की पिछले 15 वर्षो में सबसे अच्छी टीम है।

इंग्लैंड दौरे पर चौथे टेस्ट में भारत की हार के बाद शास्त्री ने 15 साल से संबंधित टिप्पणी की थी जहां भारत के पास ट्रेंट ब्रिज में तीसरा टेस्ट जीतने के बाद एक और जीत हासिल करने का मौका था। अंत में इंग्लैंड ने पटौदी ट्रॉफी 4-1 से जीती थी। मिड डे से बातचीत में शास्त्री ने कहा कि सच यह है कि इसका (15 साल की टिप्पणी) जिक्र भी नहीं हुआ था। तथाकथित सूत्र को थोड़ा अभ्यास करने की जरूरत है। वह पेरिस को निशाना करके टोक्यो को मार रहा है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह निराश थे कि टीम के मुख्य समूह (शास्त्री, विराट कोहली, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे), सीओए, मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद और बीसीसीआइ के शीर्ष तीन कर्मचारियों के बीच हुई बैठक की गोपनीय बातों को उजागर कर दिया गया तो शास्त्री ने कहा कि यह बहुत बुरी बात है। इस काम में कुछ भी आपको निराश नहीं करता है। यह दौड़ का हिस्सा है। भारत के पूर्व ऑलराउंडर और कप्तान ने इसे एक उत्कृष्ट बैठक करार दिया। यह बैठक हैदराबाद में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट के दौरान आयोजित की गई थी जहां भारत ने सीरीज 2-0 से जीती थी।

भारत को इस महीने के अंत में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जाना है जहां उसे टी-20, और चार मैचों की टेस्ट सीरीज के अलावा पांच मैचों की वनडे सीरीज भी खेलनी है। वहां भारत ने अब तक कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। 2003-04 में भारत ने 1-1 से सीरीज बराबर की थी।

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Posted By: Pradeep Sehgal