(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। अगर आप भी महेंद्र सिंह धौनी के कप्तानी छोड़ने की खबर से उदास हैं और आपको कुछ-कुछ वैसा ही अहसास हो रहा है जैसा सचिन के संन्यास की खबर पर हुआ था, तो इस खबर के जरिए आप भारतीय क्रिकेट के सुनहरे भविष्य को निहार सकते हैं और खुश हो सकते हैं। हुनर अपनी पहचान खुद बना लेता है इसका बहुत बड़ा नमूना एक बार फिर 17 वर्षीय पृथ्वी शॉ ने पेश किया है। पृथ्वी ने अपने पहले ही रणजी ट्रॉफी मैच में शतक जड़ दिया है, वो भी सेमीफाइनल मैच। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़े रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली है।

- पृथ्वी ने धरती हिलाई

पृथ्वी शॉ को रणजी सेमीफाइनल से ठीक पहले अचानक मुंबई की टीम में शामिल कर लिया गया था। इससे पहले वो मुंबई अंडर-16 टीम के कप्तान थे। पृथ्वी ने रणजी टीम में शामिल होते ही मौका नहीं गंवाया और शतक जड़ते हुए मुंबई को फाइनल में पहुंचा दिया। वो मैन ऑफ द मैच भी रहे।

पृथ्वी ने तमिल नाडु के खिलाफ इस मैच में 152 गेंदों पर शतक पूरा कर दिया। उन्होंने 175 गेंदों पर 120 रनों की पारी खेली। इस पारी में 13 चौके और 1 छक्का शामिल रहे। मुंबई ने 6 विकेट से ये मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई।

- ये वही पृथ्वी शॉ हैं

जी हां, ये वही पृथ्वी शॉ हैं जिन्होंने तीन साल पहले 14 की उम्र में हैरिस शील्ड ट्रॉफी में 546 का विश्व रिकॉर्ड स्कोर बनाया था। ये रिकॉर्ड दुनिया में क्रिकेट के किसी भी स्तर पर (1901 के बाद) सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था।

- सचिन के रिकॉर्ड की बराबरी

शुरुआत में जब पृथ्वी को लोगों ने खेलते देखा तो सबने उनको छोटा सचिन बुलाना शुरू कर दिया क्योंकि सचिन तेंदुलकर भी मुंबई से ही खेलते थे। अब इस छोटे सचिन ने पहले ही रणजी मैच में महान सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर डाली है। वो रणजी ट्रॉफी इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले सचिन के बाद दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। जबकि पहले ही मैच में शतक जड़ने के मामले में वो मुंबई के 13वें खिलाड़ी बन गए हैं।

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