नई दिल्ली, जेएनएन। सोमवार का दिन भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के लिए खास रहा है। उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मगर जब धौनी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से ये पुरस्कार लेने पहुंचे तो हर कोई हैरान रह गया। क्योंकि धोनी क्रिकेटर की ड्रेस में नहीं बल्कि सेना का अफसर की वर्दी पहनकर वहां पहुंचे थे। इसके बाद से ये सवाल उठ रहा था कि आखिर धौनी क्यों सेना के अफसर की वर्दी में सम्मान लेने राष्ट्रपति भवन पहुंचे। अब इस सवाल का खुद माही ने ही जवाब दिया है।

महेंद्र सिंह धौनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि, "पद्म भूषण पुरस्कार माना बड़े सम्मान की बात है और इसे सेना की वर्दी में लेना तो इस खुशी और सम्मान को दस गुना बढ़ा देता है। धौनी ने अपने पोस्ट में सेना के जवानों का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि, सरहद पर सेना के जवान तैनात रहते हैं तो हम सुरक्षित रहते हैं और अपनी जिंदगी की छोटी-बड़ी खुशियां मनाते हैं। ऐसे में उनका सम्मान बड़ी बात है।"

 

 

 

An honour to get the Padma Bhushan and receiving it in Uniform increases the excitement ten folds.thanks to all the Men and Women in Uniform and their families for the Sacrifices they make so that all of us could enjoy our Constitutional Rights.Jai Hind

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आपको बता दें कि पद्म भूषण पुरस्कार देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। वैसे भी धौनी प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। ऐसे में वो वर्दी पहनकर सम्मान लेने पहुंचे।

धौनी जिस वक्त सम्मान लेने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास पहुंचे तो उनकी पत्नी साक्षी भी बड़े गौर से उन्हें देख रही थीं और उन्हें भी धौनी को इस तरह देखकर आश्चर्य हुआ। धौनी ने भी वर्दी का पूरा सम्मान रखा और बकायदा पूरी ड्रिल करते हुए राष्ट्रपति कोविंद के पास पहुंचे। पहले उन्हें सेल्यूट किया और फिर सम्मान लिया।

इससे पहले धौनी को देश का सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी रत्न भी दिया गया है। वहीं 2009 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा गया था।

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Posted By: Pradeep Sehgal