नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। पाकिस्तान क्रिकेट हमेशा से ही बेमिसाल गेंदबाजों के लिए जाना जाता रहा है। सालों से क्रिकेट पर नजर रखी है, इस दौरान पाकिस्तान क्रिकेट टीम में कई कमियां नजर आईं लेकिन उनकी टीम में हमेशा से ही कोई न कोई गेंदबाज ऐसा जरूर रहा जो इन कमियों पर पर्दा डालता रहा। कभी-कभी तो आलम ये था कि अच्छे-अच्छे गेंदबाजों को बाहर बैठना पड़ा क्योंकि उनके पास हमेशा से ही गेंदबाजों की लंबी फेहरिस्त मौजूद थी। इस बार आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में नजारा कुछ ऐसा ही दिख रहा है, जब अचानक से एक गेंदबाज पता नहीं कहां से आया और सुर्खियां बन गया।

- भारत के खिलाफ खूब लुटाए रन लेकिन लिया बड़ा विकेट

चैंपियंस ट्रॉफी में 4 जून को जब भारत और पाकिस्तान अपना पहला मुकाबला खेलने उतरे तो कई लोगों की जुबान पर ये सवाल था, 'भाई ये हसन अली है कौन? अचानक कहां से आया?'। उस मैच में मध्यम-तेज गति के गेंदबाज हसन अली ने 10 ओवर में 70 रन लुटाकर सिर्फ एक विकेट लिया था। वो विकेट बड़ा इसलिए था क्योंकि वो विकेट था युवराज सिंह का जो 53 रन बनाकर खेल रहे थे। बेशक वो मैच पाकिस्तान हार गया, बेशक हसन अली ने उस मैच में 70 रन लुटा दिए, लेकिन वो चर्चा का विषय बन चुके थे। पूर्व भारतीय विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव कहते हैं, 'पाकिस्तान क्रिकेट हमेशा से ही हर दौर में गेंदबाजों के लिए मशहूर रहा है। सरफराज, इमरान खान, वसीम अकरम, वकार यूनिस जैसे गेंदबाज इसका सबूत रहे हैं। उनके पास तो बेंच पर भी दिग्गज गेंदबाज मौजूद रहते आए हैं।'

- आखिर कौन है हसन अली?

23 वर्षीय हसन अली का जन्म पाकिस्तान के पंजाब में झेलम और चेनाब नदियों के बीच स्थित मंडी बहौद्दीन में हुआ था। तकरीबन 4 लाख की आबादी वाले इस छोटे से शहर से आने वाले हसन ने भी कभी नहीं सोचा था कि वो एक दिन राष्ट्रीय टीम का हिस्सा होंगे। उन्होंने कड़ी मेहनत करके 19 की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में जगह बनाई और पहले मैच की पहली ही पारी में चार विकेट लेकर सबका दिल जीत लिया। इसके बाद 2015 के राष्ट्रीय टी20 कप के चार मैचों में आठ विकेट और फिर 2016 में राष्ट्रीय वनडे कप में 17 विकेट लेकर उन्होंने इस कदर सुर्खियां बटोरीं कि सीधे राष्ट्रीय टीम के चयन हो गया। इसके बाद 2016 में पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में पेशावर जल्मी टीम ने उन्हें 10 हजार डॉलर में खरीदा और अगले सीजन में उन्होंने 11 मैचों में 12 विकेट लेकर फिर प्रभावित किया।

- तोड़ डाला रिकॉर्ड, देखते-देखते सबसे ऊपर जा पहुंचे

भारत के खिलाफ हार के बाद जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा, पाकिस्तान ने बड़ी सफलताएं हासिल करते हुए फाइनल तक का सफर तय कर लिया। इस सफर के दौरान जिस खिलाड़ी की सबसे अहम भूमिका रही वो हसन अली ही रहे। आलम ये है कि उन्होंने पूर्व पाकिस्तानी दिग्गज गेंदबाज सइद अजमल का रिकॉर्ड भी तोड़ डाला और बन गए आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के एक संस्करण में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी। अजमल ने एक संस्करण में 8 विकेट लिए थे लेकिन सेमीफाइनल तक हसन चार मैचों में 10 विकेट ले चुके हैं। इस समय विकेट लेने के मामले में वो टूर्नामेंट में शीर्ष पर हैं। उनसे नीचे दूसरे और तीसरे नंबर पर जो दो गेंदबाज हैं वो टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। ये गेंदबाज हैं ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड (9 विकेट) और इंग्लैंड के लिएम प्लंकेट (8 विकेट)। भारत के खिलाफ पहले मैच को छोड़ दें तो बाकी बचे तीनों मैचों में उन्होंने 3-3 विकेट लिए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 24 रन देकर 3 विकेट। श्रीलंका के खिलाफ 43 रन देकर 3 विकेट और इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में 35 रन देकर 3 विकेट।

- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के ये आंकड़े भी हैं शानदार

अब तक उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुछ ही मैच खेले हैं लेकिन हर बार वो अपना दम दिखाते नजर आए हैं। वनडे क्रिकेट में उन्होंने अब तक 20 मैचों में 5.57 की इकॉनमी रेट से 39 विकेट झटके हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्हें अब तक एक ही मैच में खेलने का मौका मिला और वेस्टइंडीज के खिलाफ उस मैच की एक ही पारी में उन्होंने तीन विकेट लिए। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक वो 7 मैचों में 10 विकेट ले चुके हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तो उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। अब तक 29 प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैचों में ये गेंदबाज 128 विकेट ले चुका है। 

Posted By: Shivam Awasthi

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