नई दिल्ली। आइपीएल के छठे संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में फंसे निलंबित क्रिकेटर एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि स्पॉट फिक्सिंग मामले में 42 आरोपियों के खिलाफ दायर आरोप पत्र पर पटियाला हाउस कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।

मामले में उक्त तीनों क्रिकेटर भी आरोपी हैं। अदालत यह तय करेगी कि आरोपियों पर आरोप तय किया जाए या नहीं। यदि दिल्ली पुलिस अदालत से आरोप तय कराने में कामयाब हुई तो उनके खिलाफ मामले में ट्रायल शुरू होगा। श्रीसंत को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में 16 मई, 2013 को गिरफ्तार किया गया था और 11 जून तक उन्हें जेल में भी रहना पड़ा। उसके बाद श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया।

हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच भी संदेह के घेरे में आई थी और अदालत ने उस पर सवाल भी उठाया था। साथ ही यह भी कहा था कि प्रथम दृष्टया इसका कोई सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि आरोपी मैच फिक्सिंग में शामिल हैं। बहरहाल 23 मई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीना बंसल कृष्णा ने आरोप पत्र पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आरोपियों के वकीलों को निर्देश दिया था कि यदि वे कोई बात रखना चाहते हैं तो नौ जून तक लिखित रूप में दे सकते हैं।

इस मामले में पुलिस ने छह हजार पेज का आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। बाद में पूरक आरोप पत्र भी दाखिल किया गया था। जिसमें अडंरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील, बुकियों व क्रिकेटरों समेत 42 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की सिफारिश की गई है। जिसमें दाउद और छोटा शकील सहित छह आरोपियों को भगोड़ा घोषित किया गया है।

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