नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे मैच देखने के उत्सुक खेल प्रेमियों के लिए बुरी खबर है। इस खबर को पढ़ने के बाद पुणे में होने वाले इस मैच को लेकर खेल प्रेमियों का रोमांच लगभग खत्म हो सकता है। इसकी वजह है पुणे की पिच। पुणे में फिर से पिच फिक्सिंग का जिन्न सामने आया है। 

पुणे में पिच तैयार करने वाले स्थानीय क्यूरेटर पांडुरंग सालगांवकर ने एक टीवी चैनल के स्टिंग में पिच के तमाम राज सामने रख दिए हैं। इंडिया टुडे के एक स्टिंग में दावा किया गया है कि सालगांवकार पैसे लेकर पिच का मिजाज बदलने को भी तैयार हो गए। 

एंटी करप्शन हेड देंगे रिपोर्ट 

इस मामले में बीसीसीआइ के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने बीसीसीआइ की एंटी करप्शन यूनिट के प्रमुख नीरज कुमार को खत लिखकर इस मामले पर नजर रखने को कहा है। वह इस मामले पर रिपोर्ट भी देंगे। इस मामले के खुलासे के बाद बीसीसीआइ के न्यूट्रल क्यूरेटर ने पुण की पिच की जांच की है और इसे खेलने के लिए ठीक करार दिया है। सीके खन्ना ने भरोसा जताया है कि मैच तय समय पर ही होगा। 

आरोपी क्यूरेटर हुए बर्खास्त

इस मामले के खुलासे के बाद बीसीसीआइ के संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा था कि मैच रद भी किया जा सकता है, हालांकि ऐसा हुआ नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल क्यूरेटर सालगांवकर को बर्खास्त कर दिया गया है। सीओए प्रमुख विनोद राय ने यह जानकारी दी। पहले उन्हें सस्पेंड किया गया था। राय ने कहा है कि इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

खुल गए पिच के सारे राज

स्टिंग के जरिए पता तला है कि इस मैच में पहली पारी में 337-340 रनों का स्कोर बनेगा और दूसरी पारी में खेलने वाली टीम इसे आसानी से चेज भी कर लेगी। यानी पिच का मिजाज, टॉस आने पर क्या करना चाहिए और मैच का नतीजा यानी लगभग सभी कुछ पहले से तय हो गया है। ऐसे में मैच में कोई रोमांच नहीं बचा रह गया है। 

स्टिंग में पांडुरंग से पूछा गया कि क्या पिच में कुछ बदलाव हो सकते हैं तो इस पर पांडुरंग ने जवाब दिया कि यह काम मुश्किल तो है, लेकिन वह केवल पांच मिनट में पिच को बदल सकते हैं। उन्होंने पिच पर कील वाले जूते पहनकर जाने की भी इजाजत दी, जिसे पहनकर खिलाड़ियों को भी पिच पर चलने नहीं दिया जाता है।  

पिच दिखाने को हुए तैयार

यही नहीं, स्टिंग के दौरान पांडुरंग रिपोर्टर्स को पिच दिखाने के लिए भी तैयार हो गए। जबकि आइसीसी के नियमों के मुताबिक मैच से पहले पिच पर कप्तान और कोच से पहले कोई नहीं जा सकता और मैच से ठीक पहले टॉस के समय ही पिच को दोनों टीमों के कप्तान अच्छे तरीके से देखते हैं। इसलिए, टॉस होने के बाद ही टीमों में बदलाव की घोषणा की जाती है।

'पैसे लेने को भी हुए तैयार'

स्टिंग में दावा किया गया है कि पांडुरंग पैसों के लिए पिच बदलने को राजी भी हो गए थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्यूरेटर पांडुरंग सलगांवकर खुद क्रिकेटर रहे हैं। वह अपने जमाने में तेज गेंदबाज रह चुके हैं। स्टिंग में कहा गया कि पिच के मिजाज की जानकारी बुकी को दी जाएगी, लेकिन पांडुरंग पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। पैसों की बात करने पर पांडुरंग का कहना था कि पहले मैच देख लें, डील बाद में हो जाएगी। पैसे मैच खत्म होने के बाद दे देना। 

पहले भी निशाने पर रहे हैं पांडुरंग

ऐसा पहली बार नहीं है कि सालगांवकर निशाने पर आए हों। इससे पहले, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इसी साल की शुरुआत में पुणे में हुए टेस्ट मैच में आइसीसी ने इसे काफी खराब पिच कहा था। भारतीय कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियाई टीम की ओर से भी इस पिच को लेकर शिकायत की गई थी। तब ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 105 और 107 रनों पर आउट कर 333 रनों की बड़ी जीत हासिल की थी। यह मैच तीन दिन से पहले खत्म हो गया था। तब भी पांडुरंग ही पिच क्यूरेटर थे और इस मैच को लंदन से देखने भारत आए तत्कालीन बीसीसीआइ सचिव अजय शिर्के ने कहा था कि पिच फिक्सिंग की जांच सीबीआइ को करनी चाहिए। 

शिर्के ने कहा था, पागल है क्या पांडुरंग

शिर्के ने कहा था कि यह पिच हमेशा से तेज गेंदबाजों के लिए मददगार रही है, लेकिन मैच के दौरान पिच में गड्ढे पड़ते देखे गए थे। उन्होंने पांडुरंग पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि क्या उसने पिच तैयार करते समय शराब पी ली थी? क्या वह पागल हो गया है? हालांकि, लगता नहीं है कि शिर्के की नाराजगी या भारत की इस बदनामी के बावजूद इस दिशा में कुछ किया गया हो। 

पढ़िए, स्टिंग की मुख्य बातचीत

रिपोर्टर: X और Y दो लोग हमारे संपर्क में हैं। X के दो प्लेयर हैं। वो चाह रहे हैं, थोड़ा पिच में बाउंस हो जाए। उनको मदद मिल जाएगी, कल वाले मैच में?

पांडुरंग: मिल जाएगा...!

रिपोर्टर: मिल जाएगा? पक्का?

पांडुरंग: पक्का, डन।

रिपोर्टर: भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच की पिच आपने कैसी बनाई है सर?

पांडुरंग: पिच बहुत अच्छी है। मेरे ख्याल से 337 रन होना मांगता है। 

रिपोर्टर: पक्का?

पांडुरंग: पक्का और 337 चेजेबल होगा।

रिपोर्टर: वही पिच है, जो आपने कल दिखाई थी?

पांडुरंग: हां।

रिपोर्टर: 8 नंबर (पिच का नंबर)।

पांडुरंग: उसमें कोई दो राय नहीं है।

 

(वीडियो में पिच से रिपोर्टर छेड़छाड़ करता दिखाई देता है।)

 

रिपोर्टर: सालगांवकर जी कह रहे हैं कि ऐसा इंटरनैशनल मैच से पहले करने की अनुमति नहीं है।

इस पर पांडुरंग सालगांवकर कहते हैं: अनुमति नहीं है... तो भी हम लोग क्या है अभी इसके बारे में ये किया... वो भी BCCI क्यूरेटर बैठा है...

रिपोर्टर: अच्छा। BCCI है यहां। क्या नाम है उसका?

पांडुरंग: ऑब्जर्वर रहता है।

रिपोर्टर: क्या नाम है?

पांडुरंग: महामुनकर।

रिपोर्टर: सर कोई स्ट्रैंजर इस पिच पर नहीं आ सकता?

पांडुरंग: नहीं।

रिपोर्टर: क्यों?

पांडुरंग: नहीं आ सकता... ऐसा BCCI का कानून है।

रिपोर्टर: BCCI या ICC?

पांडुरंग: BCCI और ICC दोनों।

रिपोर्टर: बात यह है कि हमें क्या चाहिए? कल को मैच है ही इंडिया-न्यूजीलैंड... आगे भी यहां कोई मैच होता है... जिस मैच को आप देखते हैं...

पांडुरंग: ओके, हो जाएगा।

रिपोर्टर: हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि आप जो भी पिच इन्फर्मेशन है वो आप हमसे शेयर करें..

पांडुरंग: ओके।

रिपोर्टर: उस पर हम लोग जो भी बेटिंग करेंगे, जो भी बेनीफिट होगा, उसे हम लोग शेयर करेंगे।

पांडुरंग: हां. ठीक है।

रिपोर्टर: डन सर... बाकी कल हम लोग एक बार बात करेंगे।

 

(अगली फुटेज में)

 

रिपोर्टर: सर, आधे घंटे में पिच का नेचर भी चेंज हो सकता है?

पांडुरंग: आधे घंटे में, 5 मिनट में चेंज हो सकता है। यह हमेशा मुश्किल और खतरनाक काम होता है।

रिपोर्टर: ... तो ये 5 मिनट में कैसे नेचर चेंज हो जाएगा पिच का?

पांडुरंग (पेपर पर दिखाते हुए): अरे, अभी देखो न ये विकेट है... ऐसे खप्ली एक निकाल दिया तो...

रिपोर्टर: क्या निकाल दिया?

पांडुरंग: खप्ली निकाल दिया।

रिपोर्टर: घास?

पांडुरंग: नहीं... खप्ली यानि थोड़ा गड्ढा (डैमेज) कर दिया...

रिपोर्टर: मिट्टी जो है उसका... वो निकाल दिया...

पांडुरंग: मिट्टी निकाल दिया तो क्या करोगे आप बोलो... कोई आकर गलती से, नहीं यह बोतल का पानी गिर गया... तो उससे भी पिच का नेचर चेंज हो जाएगा

रिपोर्टर: उससे पिच का नेचर चेंज हो जाएगा?

पांडुरंग: अरे... अभी जो कोई आया... आप आए और बूट रखा... उसमें ऐसा करके घुमाया, तो क्या हो गया... पिच तो डैमेज हो गया...।

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