IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीतने का दबदबा कायम रखने उतरेगी श्रेयस की 'सेना', वैभव और भुवी पर रहेंगी नजरें
भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में सीरीज जीतने और न्यूजीलैंड में अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रखने उतरेगी। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह पर नजरें होंगी।

भारतीय क्रिकेट टीम (फोटो: BCCI)

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के विरुद्ध मंगलवार को जब भारतीय टीम तीसरे टी-20 मुकाबले में उतरेगी तो उसकी नजरें जीत के साथ ही पांच मैचों की सीरीज पर कब्जा करने पर होंगी। सीरीज में 2-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड की धरती पर टी-20 सीरीज में अजेय रहने उतरेगी।
भारत का न्यूजीलैंड में टी-20 सीरीज में अजेय रहने का क्रम 2020 से जारी है। विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2020 के दौरे पर मेजबान टीम को 5-0 से क्लीन स्वीप किया था। इसके बाद 2022-23 के दौरे पर भारत ने वर्षा से प्रभावित मुकाबलों के बीच केवल वही मैच जीता था, जो मौसम की भेंट नहीं चढ़ा।
सीरीज का निर्णायक मुकाबला टाई रहा था। अब अय्यर की टीम इस रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेगी। हालांकि, तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह के सामने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोकने की चुनौती होगी।
भारतीय गेंदबाजी चिंता का विषय
जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने और हार्दिक पांड्या के चोट के कारण बाहर होने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण अब भी अपनी लय तलाश रहा है। करीब चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार के लिए शुरुआती दो मुकाबले उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। उन्होंने दोनों मैचों में अपने चार-चार ओवर के स्पेल में क्रमशः 49 और 50 रन दिए। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने उनका समर्थन किया है।
मोर्ने मोर्केल ने किया भुवनेश्वर कुमार का बचाव
उनका मानना है कि भुवनेश्वर को बिना अतिरिक्त दबाव के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी लय हासिल करने का समय देना चाहिए। मोर्कल ने कहा कि चयन के साथ जुड़ी उम्मीदों के दबाव को अलग रखना एक चुनौती है। उन्होंने एक महीने अभ्यास किया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अलग तरह की चुनौती है, जहां गलती की गुंजाइश बहुत कम होती है। व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्हें सीमित अभ्यास के बाद मैदान पर उतरना पड़ा।
भुवनेश्वर वेलिंगटन में कर सकते हैं कमाल
वेलिंगटन का बेसिन रिजर्व मैदान भुवनेश्वर के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। यहां तीन तरफ से खुला मैदान होने के कारण तेज और आड़ी हवा चलती है, जो गेंद की दिशा और स्विंग को प्रभावित कर सकती है। अर्शदीप सिंह के साथ उनकी जोड़ी न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को परेशान करने की कोशिश करेगी। अर्शदीप दाएं हाथ के बल्लेबाजों से गेंद को बाहर ले जाने के साथ कभी-कभी अंदर की ओर स्विंग कराने में भी सक्षम हैं।
ठंड और हवा में बल्लेबाजों की परीक्षा
न्यूजीलैंड में शुरुआती गर्मियों के बावजूद शाम के समय ठंड और तेज हवा भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक की परीक्षा ले सकती है। लाइन में आकर सीधे शॉट खेलने के आदी अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन के प्रदर्शन पर नजरें रहेंगी। 15 वर्षीय वैभव के लिए ऐसी परिस्थितियों में खेलना भविष्य के लिहाज से अहम अनुभव साबित हो सकता है। मुख्य कोच गौतम गंभीर की तिलक वर्मा, नमन धीर और नितीश कुमार रेड्डी को मध्यक्रम में इस्तेमाल करने की रणनीति अब तक सफल रही है। हालांकि, गेंदबाजी में खाली जगहों को भरना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इस प्रकार हैं दोनों टीमें
भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, नमन धीर, तिलक वर्मा, नीतीश रेड्डी, अक्षर पटेल, प्रिंस यादव, मयंक यादव, भुवनेश्वर कुमार, कुमार कुशाग्र, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह।
न्यूजीलैंड: मिशेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलेन, टिम साइफर्ट, बेवोन जैकब्स, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, डेवोन कॉन्वे, माइकल ब्रेसवेल, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर, मैट फिशर, काइल जैमीसन, जैकब डफी, एडम मिल्ने, जोश क्लार्कसन।
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