हरमनप्रीत कौर ने कैसे की फॉर्म में वापसी? जिंबाब्वे के खिलाफ शतक ठोकने के बाद किया खुलासा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी खराब फॉर्म से उबरने और बल्लेबाजी में लय हासिल ...और पढ़ें

हरमनप्रीत कौर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
पीटीआई, वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि लंबे समय तक खराब फॉर्म से जूझने के बाद बल्लेबाजी में लय हासिल करने में घर पर दिन में तीन सत्र में किया गया अभ्यास काफी मददगार रहा। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी की लय बरकरार रखने के लिए उन्हें काफी अभ्यास की जरूरत होती है।
हरमनप्रीत की खराब बल्लेबाजी हाल के दिनों में चर्चा का प्रमुख विषय रही थी लेकिन 37 वर्षीय इस खिलाड़ी ने जिंबाब्वे के विरुद्ध अंतिम टी-20 मैच में 41 गेंद पर नाबाद 91 रन की तूफानी पारी खेलकर फार्म में वापसी की। इसके बाद उन्होंने वनडे सीरीज में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दूसरे मैच में 126 रन की मैच विजयी पारी खेली।
मैं घर पर खूब अभ्यास करती थी: हरमनप्रीत कौर
हरमनप्रीत ने बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में दीप्ति शर्मा से बातचीत के दौरान कहा कि मैंने घर पर काफी अभ्यास किया। आप जितनी ज्यादा बल्लेबाजी करते हैं उतना ही आत्मविश्वास बढ़ता है। मैं सुबह, दोपहर और शाम को बल्लेबाजी करती थी यानी दिन में तीन सत्र।
उन्होंने कहा कि मैं उन खिलाड़ियों में शामिल हूं जिन्हें काफी अभ्यास की जरूरत होती है। अपनी उम्र को देखते हुए मैं अपनी फिटनेस पर काफी समय देना पसंद करती हूं। इसके अलावा मैंने काफी बल्लेबाजी की क्योंकि मुझे लगा कि मेरी बल्लेबाजी में थोड़ी कमी रह गई थी। घर पर बिताया गया समय अब मेरे काम आ रहा है।
टीम इंडिया ने गंवाए थे शुरुआती विकेट
रविवार को यहां खेले गए दूसरे वनडे में भारत की कप्तान स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के जल्दी-जल्दी आउट होने के बाद हरमनप्रीत बल्लेबाजी के लिए उतरीं। शुरुआती झटकों के कारण दबाव में आने के बजाय हरमनप्रीत और प्रारंभिक बल्लेबाज प्रतिका रावल (61 रन) ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 124 रन की साझेदारी की। इसके बाद हरमनप्रीत ने दीप्ति शर्मा के साथ 153 रन जोड़े। दीप्ति ने नाबाद 106 रन बनाए।
भारत ने जीता मुकाबला
भारत ने यह मुकाबला 121 रन से जीतकर तीन मैच की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। हरमनप्रीत ने कहा कि मैं प्रतिका से पिच और गेंदबाजों की गेंदबाजी के बारे में बात कर रही थी। हम सिर्फ यह सोच रहे थे कि पारी को कैसे आगे बढ़ाना है। दो शुरुआती विकेट गिरने के बाद आमतौर पर बल्लेबाजी करने वाली टीम दबाव में आ जाती है। लेकिन हम दोनों में से किसी ने भी दबाव नहीं लिया। हम एक-दूसरे की ताकत पर भरोसा कर रहे थे।
