नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। आगामी टी-20 विश्व को लेकर भारतीय टीम प्रबंधन के प्रयोगों पर सवाल लगातार उठते जा रहे हैं। पहले भुवनेश्वर कुमार के 19वें ओवर में धुनाई सवालों के घेरे में आ गई तो अब रिषभ पंत पर दिनेश कार्तिक को ज्यादा तरजीह देने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब शुक्रवार को नागपुर में जब आस्ट्रेलिया के विरुद्ध भारतीय टीम दूसरे टी20 के लिए मैदान पर उतरेगी तो अंतिम एकादश में पंत या कार्तिक में से किसे मौका दिया जाएगा, यह देखने लायक होगा। भारतीय टीम सीरीज में 0-1 से पीछे है और सीरीज बचाने के लिए उतरेगी। कार्तिक की उम्र 38 वर्ष है तो पंत 25 साल के हैं।

पंत की जगह लेने पर अड़े कार्तिक : दिनेश कार्तिक से पहले रिषभ पंत भारतीय टीम के अंतिम एकादश के अहम सदस्य थे और वह तीनों प्रारूपों में टीम के लिए खेल रहे थे। लेकिन अब विश्व कप को देखते हुए हालात बदल गए हैं। कार्तिक ने इस साल आइपीएल में रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए दमदार प्रदर्शन किया था और उनके अंतिम ओवरों में पारी को फिनिश करने के तरीके को देखकर ही उनकी भारतीय टीम में वापसी हुई। कुछ मैचों में पंत और कार्तिक दोनों को अंतिम एकादश में मौका मिला। लेकिन कार्तिक उतना प्रभाव नहीं छोड़ पाए जितनी उनसे आशा की जा रही थी। कार्तिक के कारण पंत को बार-बार अंतिम एकादश से बाहर बैठाने से उनका आत्मविश्वास भी हिल गया होगा क्योंकि जब उन्हें मौका मिल रहा है तो उनका बल्ला भी नहीं चल पा रहा है। कहां एक समय था जब पंत को भविष्य का भारतीय टीम के कप्तानों के दावेदारों में शामिल किया जा रहा था और अब पंत अंतिम एकादश में अपनी जगह पक्की करने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

कार्तिक पर गुस्सा हुए रोहित : हाल ही के कुछ मैचों में कार्तिक उस तरह का प्रदर्शन नहीं कर पाए जिनके लिए वह जाने जाते हैं। वह टीम के लिए आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं जिसके लिए उन्हें टीम में चुना है। ऐसा लगता है कि वह अंतिम एकादश में अपनी जगह पक्की करने में लगे हुए हैं। एशिया कप में भी कार्तिक अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाए। अब आस्ट्रेलिया के विरुद्ध पहले टी-20 मैच में वह सिर्फ छह रन बनाकर आउट हो गए। अगर उस समय हार्दिक पांड्या का साथ देते तो टीम का स्कोर 250 के करीब भी हो सकता था। अब उनके विकेटकीपिंग पर भी सवाल उठने लगे हैं और आस्ट्रेलिया के विरुद्ध तीन मौकों पर भारत को नुकसान उठाना पड़ा। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि कार्तिक के विकेटकीपिंग के तरीकों पर कप्तान रोहित शर्मा गुस्सा हो गए।

इन मौकों पर कार्तिक चूके : पहला मौका यह था जब युजवेंद्रा सिंह चहल की गेंद पर स्टीव स्मिथ स्टंप्स के बीच में पाए गए, लेकिन कार्तिक ने एलबीडब्ल्यू की अपली नहीं की। चहल के ओवर के बाद उमेश यादव ने 12वें ओवर में अपने दूसरे ओवर में स्मिथ और मैक्सवेल को पवेलियन की राह दिखाई, लेकिन ये दोनों ही बल्लेबाज जब आउट हुए, जब कप्तान रोहित ने डीआरएस लिया। यहां तक कि दोनों बार एज लगने पर भी कार्तिक ने आउट की अपील नहीं की, जिससे रोहित को गुस्सा आ गया और उन्होंने कार्तिक की गर्दन पकड़ ली। रोहित कार्तिक से डीआरएस पर अपनी सहमति नहीं देने को लेकर नाराजगी दिखा रहे थे। रोहित कह रहे थे कि जब हम अपील कर रहे हैं तब तुम अपील कर रहे हो। जब रोहित ने गर्दन पकड़ी तो उसके एक मिनट बाद फैसला आया। रोहित यह कहना चाह रहे थे कि देखों तुम इस मामले में कितने कमजोर विकेटकीपर हो।

बुमराह के खेलने पर असमंजस : स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बुमराह ने इंग्लैंड दौरे के बाद से कोई मैच नहीं खेला है। वह पीठ दर्द के कारण एशिया कप में नहीं खेले थे। वह आस्ट्रेलिया के विरुद्ध पहले मैच में भी नहीं खेले। इससे यह आशंका पैदा हो गई क्या वह अभी पूरी तरह से फिट हैं या नहीं। भारतीय टीम अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर चिंतित है जिसमें आलराउंडर हार्दिक पांड्या भी शामिल हैं। उन्होंने जो पिछले 14 ओवर किए हैं उनमें 150 रन लुटाए हैं।

कमजोरियों को दूर करना होगा : अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार अंतिम ओवरों में नहीं चल पा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान, श्रीलंका और आस्ट्रेलिया के विरुद्ध 19वें ओवर में गेंद संभाली, लेकिन इन तीन ओवरों में उन्होंने 49 रन लुटाए। ऐसी परिस्थितियों में भारत के लिए बुमराह का फिट होना बेहद जरूरी हो गया है। भारत को आस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले अभी सात मैच खेलने हैं और इन मैचों में उसे अपनी सभी कमजोरियों को दूर करना होगा। भारत विश्व कप में अपना पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान के विरुद्ध खेलेगा। एशिया कप से पहले जहां भारत के लिए शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों का रवैया परेशानी का सबब बना हुआ था, अब गेंदबाजी उसके लिए चिंता का विषय बन गया है क्योंकि बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों में भारतीय गेंदबाजों की कमजोरी खुलकर सामने आई।

चहल ने भी किया निराश : किसी भी तरह की परिस्थिति में भारत के मुख्य स्पिनर रहे युजवेंद्रा सिंह चहल में पहले की तरह मारक क्षमता नहीं दिख रही है। पिछले कुछ मैचों में वह काफी महंगे साबित हुए हैं। उन्हें उन विकेटों पर भी अच्छा प्रदर्शन करने का तरीका ढूंढना होगा जो कि स्पिनरों के मददगार नहीं होते हैं।

क्षेत्ररक्षण भी खराब : पिछले मैच में भारत का क्षेत्ररक्षण भी अच्छा नहीं रहा और उसने तीन आसान कैच टपकाए। इसके लिए पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी टीम की आलोचना की थी।

आक्रामक रवैए से मिल रहा फायदा : बल्लेबाजी में आक्रमक रवैए का फायदा मिल रहा है। पिछले मैच में इसी अंदाज में बल्लेबाजी करके केएल राहुल, हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव ने रन बटोर कर स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया जबकि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली जल्दी आउट हो गए थे।

मेहमान टीम मजबूत : आस्ट्रेलिया मजबूत नजर आ रहा है जबकि उसकी टीम में डेविड वार्नर, मिशेल स्टार्क, मार्कस स्टोइनिस और मिशेल मार्श जैसे खिलाड़ी नहीं है। वार्नर की अनुपस्थिति में पारी का आगाज करने के लिए भेजे गए कैमरन ग्रीन ने अपनी भूमिका शानदार तरीके से निभाई जबकि अनुभवी स्मिथ और आस्ट्रेलिया की तरफ से पहला मैच खेल रहे टिम डेविड ने टीम को मजबूती प्रदान की। मैथ्यू वेड फिनिशर की अपनी भूमिका में खरे उतरे। उन्होंने 21 गेंदों पर नाबाद 45 रन बनाकर आस्ट्रेलिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। आस्ट्रेलिया को गेंदबाजी में अधिक अनुशासित प्रदर्शन करना होगा क्योंकि मोहाली में तेज गेंदबाज पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और ग्रीन ने काफी रन लुटाए थे। 

धीमी हो सकती है पिच : नागपुर के विदर्भ क्रिकेट संघ स्टेडियम का विकेट मोहाली से भिन्न होगा। पिच के धीमे होने के संभावना है और ऐसे में गेंदबाजों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण बन जाती है। शाम को ओस का प्रभाव देखते हुए कोई भी टीम लक्ष्य का पीछा करना बेहतर समझेगी। 

टीमें:

आस्ट्रेलिया : आरोन फिंच (कप्तान), सीन एबाट, एश्टन एगर, पैट कमिंस, टिम डेविड, नाथन एलिस, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, जोश इंगलिस, ग्लेन मैक्सवेल, केन रिचर्डसन, डेनियल सैम्स, स्टीव स्मिथ, मैथ्यू वेड, एडम जांपा।

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, दीपक हुड्डा, रिषभ पंत, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, युजवेंद्रा सिंह चहल, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव। 

नंबर गेम - 

- 9 पिछले टी-20 मैचों में दिनेश कार्तिक का प्रदर्शन खराब रहा है। वह सिर्फ 73 रन ही बना पाए हैं। इस दौरान उन्हें तीन मैचों में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। 

- 9 पिछले टी-20 मैचों में ही दिनेश कार्तिक ने तीन कैच पकड़े और एक स्टंप किया। 

- 8 पिछले टी-20 मैचों में रिषभ पंत ने 166 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्हें सिर्फ एक बार ही बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। 

-3 कैच और एक स्टंप पंत ने पिछले आठ टी-20 मैचों में किए हैं। 

-2022 में कार्तिक ने 19 टी-20 मैच भारत के लिए खेले तो पंत 17 मैचों में खेलने उतरे। कार्तिक को 19 में से 15 बार बल्लेबाजी का मौका मिला तो पंत ने 17 में से 16 बार बल्लेबाजी की। 

- 199 रन कार्तिक के बल्ले से इस साल 19.90 की औसत से निकले हैं। पंत ने 25.91 की औसत से 311 रन बनाए हैं। दोनों ने इस साल 1-1 अर्धशतक लगाया। 

- 133.47 का स्ट्राइक रेट पंत का इस साल टी-20 में रहा है। कार्तिक ने 132.66 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। 

Edited By: Sanjay Savern