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T20 World Cup 2026 में भारत की बड़ी कमजोरी आई सामने, नेपाल और ओमान जैसे टीम इंडिया के हालात

By Abhishek TripathiEdited By: Praveen Kumar Mishra
Published: Fri, 20 Feb 2026 05:00 AM (IST)

भारतीय टीम टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण में ऑफ स्पिन के खिलाफ संघर्ष करती दिखी है। ऑफ स्पिन के ...और पढ़ें

भारतीय क्रिकेट टीम

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HighLights

  1. ऑफ स्पिन के खिलाफ भारत का खराब प्रदर्शन

  2. विपक्षी टीमें पावरप्ले में ऑफ स्पिन से कर रहीं परेशान

  3. सहायक कोच ने स्वीकार की कमजोरी, सुधार की उम्मीद

अभिषेक त्रिपाठी, जागरण अहमदाबाद। गत चैंपियन भारत 'अपराजेय' रहते हुए सुपर-8 में पहुंची है और अगले दौर में उसका सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा, जो भी एक मैच नहीं हारी है। सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली भारतीय टीम भले ही ग्रुप चरण के सभी मैच जीतकर सुपर-8 में पहुंची हो, लेकिन इन मुकाबलों में ऑफ स्पिन के सामने उसकी कमजोरी उजागर हुई है। टी-20 क्रिकेट में जहां 8-9 रन प्रति ओवर सामान्य माने जाते हैं, वहीं भारत का ऑफ स्पिन के विरुद्ध सिर्फ 6.23 रन प्रति ओवर की रफ्तार से स्कोर करना चिंता का विषय है।

ग्रुप चरण में भारत ने ऑफ स्पिन की 102 गेंदों का सामना किया और इस दौरान लगातार विकेट गंवाए। आंकड़े बताते हैं कि जिन 13 टीमों ने ऑफ स्पिन के कम से कम छह ओवर खेले, उनमें भारत की रन गति केवल नेपाल (5.25) और ओमान (5.42) से बेहतर रही। सिर्फ रन गति ही नहीं, बल्कि औसत भी चिंता बढ़ाता है। ऑफ स्पिन के सामने भारतीय बल्लेबाजो का औसत महज 13.25 रहा है, जो मौजूदा चैंपियन टीम केलिए बेहद साधारण है। यही वजह है कि हर विरोधी टीम अब एक जैसी रणनीति अपना रही है, पॉवरप्ले में ऑफ स्पिन, बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव और रन गति पर अंकुश।

भारत के टॉप ऑर्डर में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज

भारत के शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा तीनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। इससे विपक्षी टीमों को रणनीति बनाने में आसानी हो रही है। नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त ने पॉवरप्ले में तीन ओवर फेंककर अभिषेक और किशन दोनों को आउट किया। आर्यन ने चार ओवर में 19 रन देकर दो विकेट लिए और ये आंकड़े यह साबित करते हैं कि नियंत्रण और सटीकता कितनी अहम है। इससे पहले नई दिल्ली में खेले गए मुकाबले में नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अलग-अलग रिलीज पॉइंट से बल्लेबाजों को उलझाया।

वहीं तीसरे मैच में पाकिस्तान के सलमान आगा और सैम अयूब ने विविधताओं से रफ्तार तोड़ी। कोलंबो की धीमी पिच और फिर अहमदाबाद की स्किडी सतह, इन परिस्थितियों में तालमेल बैठाने में भारत को समय लगा और उसी दौरान नुकसान हुआ। अभिषेक शर्मा की फॉर्म भी चिंता का कारण है। उन्होंने तीन मैचों में खाता नहीं खोला और दो बार ऑफ स्पिन के विरुद्ध आक्रामक शॉट खेलते हुए आउट हुए। हालांकि सहायक कोच रयान टेन डोएशे को उनकी फार्म को लेकर चिंता नहीं है।

रयान टेन डोएशे को नहीं है कोई चिंता

उनका कहना है कि नेट्स में अभिषेक ने शानदार बल्लेबाजी की है और वह जल्द लय में लौटेंगे। डोएशे ने स्वीकार किया कि फिंगर स्पिन के सामने टीम को सुधार की जरूरत है। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में 14 ओवर फिंगर स्पिन फेंके गए, जिनमें चार विकेट गिरे और 78 रन बने, जो अच्छे आंकड़े नहीं माने जा सकते।

सुपर-8 में भारत को दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज जैसी टीमों का सामना करना है, जिनके पास प्रभावी फिंगर स्पिनर मौजूद हैं। डोएशे ने कहा कि बेहतर पिचों पर बल्लेबाज अधिक आत्मविश्वास के साथ खेल सकते हैं, लेकिन जहां गेंद रुक-रुक कर आती है, वहां रणनीति बदलनी होगी। विपक्षी टीमें अब साफ तौर पर भारत की इस कमजोरी को निशाना बना रही हैं।

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