नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में हुए पैसों के गबन और धोखाधड़ी के मामले की क्लोजर रिपोर्ट पर कोर्ट में 22 दिसंबर को बहस होगी। कोई सुबूत नहीं होने के चलते पुलिस ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी।

तीस हजारी स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अभिलाष मल्होत्र की अदालत में इस क्लोजर रिपोर्ट पर बहस होनी है। नवंबर 2015 में दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया था और इसके बाद कोई सबूत नहीं मिलने के चलते क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी गई थी। पुलिस ने चेतन चौहान और रविंद्र मनचंदा के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

डीडीसीए के तत्कालीन निदेशक और पूर्व क्रिकेटर सुनील देव ने आरोप लगाया था कि सेंट्रल बैंक में एक खाता खुलवाकर दूसरे खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए। ऐसा करने से डीडीसीए को नुकसान हुआ और आरोपितों ने दस्तावेज से छेड़छाड़ कर धोखाधड़ी की। इस प्रकरण में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये का हेरफेर हुआ था।

वहीं पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि सुनील देव ने बयान दिया है कि उन्होंने शिकायत गफलत के चलते दी थी। उन्होंने रिकॉर्ड चेक कराया तो पता चला कि बैंक खाता सही प्रक्रिया के साथ खुलवाया गया था।

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Posted By: Lakshya Sharma