जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) प्रमुख विनोद राय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि 23 मार्च से शुरू होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के सभी लीग मुकाबले अपने सामान्य समय रात आठ बजे शुरू होंगे। दोपहर बाद के मुकाबले शाम चार बजे से और रात के मैच आठ बजे से खेले जाएंगे।

बीसीसीआइ के ऊपर रात के मैचों का समय आठ बजे से बदलकर सात बजे करने का दवाब है, क्योंकि ज्यादातर टीमें और प्रसारणकर्ता ऐसा करना चाहते थे। दैनिक जागरण ने बताया था कि सीओए की बैठक में इस पर चर्चा होगी। राजधानी में गुरुवार को हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई जिसके बाद समय बदलने से इन्कार कर दिया गया। पिछले साल रात के सभी लीग मैच आठ बजे खेले गए थे।

हालांकि, फाइनल सहित प्लेऑफ के मुकाबले रात सात बजे शुरू हुए थे। टीम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, 'हम मैचों के समय को बरकरार रखने के बीसीसीआइ के फैसले का सम्मान करते हैं। ' पिछले महीने बीसीसीआइ ने आइपीएल के पहले दो सप्ताह का कार्यक्रम घोषित किया था, जबकि पूरा कार्यक्रम आम चुनावों की तारीखें घोषित होने के बाद घोषित किया जाएगा। आइपीएल के उद्घाटन मुकाबले में 23 मार्च को चेन्नई में गत विजेता चेन्नई सुपरकिंग्स का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर से होगा।

हम पाक पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध चाहते हैं : राय
सीओए के चेयरमैन विनोद राय ने कहा कि बीसीसीआइ अब भी चाहता है कि आइसीसी आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाए। हालांकि, उन्होंने इस पर टिप्पणी नहीं की कि भारत विश्व कप में पाकिस्तान का बहिष्कार करेगा या नहीं।

आइसीसी ने पिछले सप्ताह दुबई में हुई बोर्ड बैठक में बीसीसीआइ का आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों के साथ संबंध समाप्त करने का आग्रह ठुकरा दिया था। हालांकि, भारतीय बोर्ड ने पाकिस्तान का खास जिक्र नहीं किया था। भारत को विश्व कप में 16 जून को पाकिस्तान से भिड़ना है। राय ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के मद्देनजर इस महत्वपूर्ण मुकाबले का बहिष्कार करने का फैसला लेने से पहले उचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। राय ने कहा, 'अभी इसमें चार महीने बचे हुए हैं। हमने (सुरक्षा को लेकर) अपनी चिंता व्यक्त कर दी है और उन्होंने (आइसीसी ने) कहा कि हां, सुरक्षा कड़ी की जाएगी।' राय ने कहा कि आइसीसी ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से प्रतिबंधित करने के भारत के आग्रह को ठुकराया नहीं है। पत्र उनके सामने रख दिया गया है। इसमें साफ तौर पर पाकिस्तान का जिक्र है। यह एक प्रक्रिया है जो धीरे-धीरे आगे बढ़ती है। हमने प्रक्रिया शुरू कर दी है।'

पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 से ज्यादा जवानों के शहीद होने के बाद बीसीसीआइ ने आइसीसी को भेजे पत्र में आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों से संबंध तोड़ने का आग्रह किया था। सीओए इस महीने के आखिर में आइसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर से चर्चा करेगा, जिसमें भारत और पाकिस्तान के मसले पर भी बात होगी। बीसीसीआइ के विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के तहत आने के लंबे समय से लंबित मसले पर भी चर्चा होगी, क्योंकि आइसीसी ने इसे तुरंत सुलझाने के लिए कहा है। बीसीसीआइ अभी वाडा के तहत नहीं आता है, लेकिन आइसीसी और उसके अन्य सदस्य इसे मानते हैं। अगर बीसीसीआइ इसके तहत नहीं आता है तो आइसीसी को वाडा का पालन नहीं करने वाली खेल संस्था माना जा सकता है और ऐसे में 2028 तक ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल कराने की योजना खटाई में पड़ सकती है।

सीओए ने राहुल-पांड्या का मामला लोकपाल को सौंपा
सीओए ने केएल राहुल और हार्दिक पांड्या की आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा मामला नवनियुक्त लोकपाल डीके जैन को सौंप दिया है। अब वह ही इन क्रिकेटरों के भाग्य का फैसला करेंगे। राहुल और पांड्या को एक टीवी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर निलंबित किया गया था, लेकिन जांच लंबित रहने तक उनका निलंबन हटा दिया गया था। जांच सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त लोकपाल करेंगे। सीओए प्रमुख विनोद राय से पूछा गया कि क्या राहुल और पांड्या को कड़ी सजा मिलेगी, तो उन्होंने कहा, 'हमने राहुल और पांड्या से जुड़ा मसला लोकपाल को सौंप दिया है। उन्होंने हाल में (इस महीने के शुरू में) पदभार संभाला और अभी हमने उन्हें केवल यही मामला सौंपा है। इस बारे में फैसला करना अब पूरी तरह से उनके अधिकार क्षेत्र में है।'

Posted By: Ravindra Pratap Sing