नई दिल्ली, जेएनएन। चाइनीज मोबाईल कंपनी वीवो बीसीसीआइ के साथ अपना करार तोड़ सकती है। वीवो IPL का प्रायोजक है और अभी उसका तीन साल का करार बाकी है। दरअसल वीवो का इंडियन प्रीमियर लीग के साथ जुड़े होने का हर तरफ विरोध किया जा रहा है। भारतीय क्रिकेट फैंस से लेकर अन्य कई नामी हस्तियों व कई संगठनों ने भी इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाई है।

अपने खिलाफ लगातार उठ रही आवाज और विरोध-प्रदर्शन की वजह से वीवो ने भी बोर्ड के साथ अपना करार तोड़ने का फैसला किया है और इस पर जल्द ही फैसला किया जाएगा। हालांकि आइपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में ये फैसला किया गया था कि वीवो आइपीएल का प्रायोजक बना रहेगा। सूत्रों के मुताबिक वीवो इस सीजन से बाहर हो सकती है, लेकिन ये भी कहा जा रहा है कि 2021 से लेकर 2023 तक एक बार फिर से वे इस लीग का हिस्सा बन जाएगी। 

दरअसल डोकलाम में जून के महीने में भारतीय सेना और चीन की सेना के बीच हुए भिड़ंत के बाद दोनों देशों के बीच के संबंधों में तनाव है। इसके बाद पूरे देश में चाइनीज कंपनियों के खिलाफ विरोध का वातावरण बना हुआ है और खुद भारत सरकार ने भी कई चाइनीज कंपनियों के साथ अपने करार को तोड़ा है साथ ही साथ कई चाइनीज ऐप पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। वीवो भी आइपीएल का टाइटल प्रायोजक है और इसके बदले वो बोर्ड को 440 करोड़ रूपये देता है। वीवो का आइपीएल के साथ 2022 तक का पांच साल तक का करार है। यानी अभी उसका तीन साल का करार बाकी है। वीवो और आइपीएल का साल 2017 में करार हुआ था जो 2022 तक के लिए था और इसके लिए वीवो ने 2199 करोड़ रूपये की बोली लगाई थी। 

अगर वीवो इस बार आइपीएल से अलग हो जाती है तो आइपीेएल 2020 का टाइटल प्रायोजक कौन होगा इसे लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है। आपको बता दें कि आइपीएल के 13वें सीजन का आयोजन यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच किया जाएगा। इस बार मैचों के समय में भी बदलाव किए गए हैं। जिस दिन दो मुकाबले होंगे उस दिन पहला मैच दोपहर 3.30 से शुरू होगा जबकि दूसरा मैच शाम 7.30 से खेला जाएगा। इसके अलावा अन्य मुकाबले शाम 7.30 से खेले जाएंगे।  

Posted By: Sanjay Savern

इंडियन टी20 लीग

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