नई दिल्ली, आइएएनएस। इंडियन प्रीमियर प्रीमियर लीग (आइपीएल) के 13वें संस्करण के आयोजन स्थल को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) 3-2 में बंट गया है। बहुमत इस बात को लेकर है कि इस लीग को भारत में ही आयोजित की जाए, लेकिन कई पक्ष ऐसे भी हैं, जो जरूरत पड़ने पर इसे देश से बाहर आयोजित कराना चाहता है।

बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने कहा कि आइपीएल के आयोजन को लेकर आम सोच यह है कि लीग भारत में ही हो। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो चाहते हैं कि परिस्थिति की मांग को देखते हुए अगर जरूरत पड़ती है तो लीग को भारत के बाहर भी ले जाया जा सकता है।

अधिकारी ने कहा, देखिए, अगर आप इस तरह से वर्तमान परिदृश्य को समझना चाहते हैं तो यह निर्णय लेने वालों का 3-2 से विभाजित होने का मामला है। किसने क्या कहा, के नाम पर न जाते हुए, मैं आपको बता सकता हूं कि आम धारणा यह है कि भारत में लीग होना न केवल देश के लोगों में सकारात्मकता का प्रतीक होगा, बल्कि हमारी मदद भी करेगा क्योंकि हमें भी विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

उन्होंने कहा, लेकिन, यहां कुछ लोग ऐसा भी मानते हैं कि हर हाल में टूर्नामेंट का आयोजन होना चाहिए और ये उनकी प्राथमिकता है और इसका मतलब इसे देश से बाहर ले जाने की है। इसलिए ऐसे में जब हम सभी योजनाओं पर काम कर रहे हैं, तो आयोजन स्थल एक ऐसा क्षेत्र है जिसपर और ज्यादा विचार-विमर्श की आवश्यकता होगी। इसके अलावा खिलाड़ियों की सुरक्षा और सभी लोगों की सुरक्षा भी हमारी प्राथमिकता है। फ्रेंचाइजी एक अधिकारी ने कहा कि देश में टूर्नामेंट का आयोजन हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगर लीग का आयोजन देश में होती है तो इससे न केवल विश्व का एक सकारात्मक संदेश जाएगा, बल्कि भारत के लोगों को भी यह विश्वास हो जाएगा कि हम चीजों को फिर से सामान्य करने में सफल रहे। साथ ही अगर आप बाहर जाते हैं तो यह थोड़ा महंगा भी होगा। इसलिए मेरा मानना है कि अधिकतर टीमें भारत को अपनी प्राथमिकता देगी।

 

Posted By: Sanjay Savern

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