नई दिल्ली। लंबे समय से टीम के प्रायोजक रहे सहारा से नाता टूटने के बाद बीसीसीआइ ने जनवरी 2014 से मार्च 2017 तक बोर्ड, आइसीसी और एशियाई क्रिकेट परिषद की सभी प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम के प्रायोजन अधिकार के लिए आज निविदा आमंत्रित की। सहारा इंडिया परिवार ने बोर्ड से मतभेद के बाद फरवरी में राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का प्रायोजन वापस लेने के अलावा आइपीएल फ्रेंचाइजी पुणे वॉरियर्स का मालिकाना हक छोड़ दिया था।

पढ़ें: क्रिकेट से जुड़ी खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

बोर्ड सचिव संजय पटेल ने कहा कि इन अधिकारों में आधिकारिक टीम प्रायोजक कहलाने के अधिकार के अलावा सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम, अंडर-19 पुरुष क्रिकेट टीम, पुरुष-ए टीम और महिला टीम की टीम पोशाक पर व्यावसायिक लोगों लगाना शामिल है। आइटीटी मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में बीसीसीआइ के मुख्यालय में 11 नवंबर से सात दिसंबर के बीच दो लाख रुपये में उपलब्ध रहेगा। सहारा के जर्सी प्रायोजन के मौजूदा अधिकार 31 दिसंबर 2013 को समाप्त हो रहे हैं। बोर्ड से अलग होते समय सहारा ने बीसीसीआइ के साथ मतभेद के विभिन्न कारण बताए थे जिसमें से कुछ 2001 में हुए पहला प्रायोजन करार से भी जुड़े थे लेकिन अधिकांश मतभेद आइपीएल के कारण थे।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप