अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) एक दिन अपने ही कार्यकारी अध्यक्ष का अपमान करेगा यह किसी ने सोचा नहीं था लेकिन भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बुधवार को खत्म हुई पांच मैचों की वनडे सीरीज के पुरस्कार समरोह में कुछ ऐसा ही हुआ। बुधवार को बीसीसीआइ के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना को ऑस्ट्रेलियाई टीम को विजेता ट्रॉफी सौंपनी थी लेकिन बाद में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रजत शर्मा ने विजेता ट्रॉफी प्रदान कर दी। पुरस्कार समारोह के पहले दोनों के बीच तीखी बातचीत भी हुई जिसका वीडियो दैनिक जागरण के पास है।

इस घटना से बीसीसीआइ के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी आगबबूला हो गए। दोनों इसको लेकर कड़ा ईमेल लिखा है। दैनिक जागरण के पास मौजूद ईमेल के मुताबिक बीसीसीआइ के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने सीईओ राहुल जौहरी से सवाल करते हुए लिखा कि यह बीसीसीआइ का आयोजन था या डीडीसीए का? अगर यह बीसीसीआइ का आयोजन नहीं था तो बीसीसीआइ के प्रतिनिधि को कैसे इसमें शामिल किया गया? यदि यह बीसीसीआइ का आयोजन था तो कैसे बीसीसीआइ के कार्यकारी अध्यक्ष के मौजूद रहते डीडीसीए के अधिकारी ने ट्रॉफी प्रदान की? आखिर बीसीसीआइ के अधिकारी को समारोह से हटाने के पीछे किसका फैसला था?

ईमेल का जवाब देते हुए जौहरी ने लिखा कि मैं राजस्थान रॉयल्स का एक आयोजन होने के चलते मैच में से जल्दी चला गया था और मुझे इस मामले में कोई जानकारी नहीं है। इस ईमेल के जवाब में बीसीसीआइ के कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने लिखा कि मैं मैदान पर मौजूद था और मैच में 10 ओवर रहने पर प्रभा (बीसीसीआइ कर्मचारी) से मिला था। मुझे पता था कि गौरव सक्सेना (क्रिकेट ऑपरेशन, एजीएम) भी वहां मौजूद थे। मुझे राहुल (सीईओ) की वहां उपस्थिति के बारे में भी बताया गया था, लेकिन मैं उनसे नहीं मिल पाया था। इस मामले को लेकर कुछ तथ्य मैं बताना चाहता हूं। प्रभा और गौरव दोनों ही बीसीसीआइ के प्रोटोकॉल से वाकिफ हैं।

बीसीसीआइ के मौजूद अधिकारी को ही ट्रॉफी प्रदान करनी होती है। अगर बीसीसीआइ का कोई प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं है तो फिर बीसीसीआइ ही राज्य संघ से किसी को यह ट्रॉफी प्रदान करने के लिए कहती है। वहां बीसीसीआइ से दो अधिकारी मौजूद थे कार्यकारी अध्यक्ष और मैं। मैच खत्म होने के तीन ओवर पहले मैं कार्यकारी अध्यक्ष से मिला था और उन्होंने मुझे बताया था कि वह ट्रॉफी प्रदान करेंगे। अब आपके इस ईमेल से मैं चौंक गया हूं कि बीसीसीआइ की ओर से कार्यकारी अध्यक्ष ने यह ट्रॉफी प्रदान नहीं की है। चाहे प्रभा और गौरव ने खुद यह बदलाव किया या उन्हें इस संबंध में आदेश दिया गया या चाहे उन्होंने किसी की डांट की वजह से ऐसा किया। चाहे जो भी हो यह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।

एक वीडियो दिल्ली सर्कल में वायरल हो रही है, जिसमें रजत शर्मा और सीके खन्ना के बीच पुरस्कार समारोह से पहले बहस होती दिख रही है। गौरव वहां मौजूद थे, लेकिन इसके बाद किसी ने गौरव को इस वार्ता से दूर कर दिया। आप सही कह रहें हैं यह मामला किसी एक्स, वाई या जेड के ट्रॉफी देने का नहीं है। यह प्रोटोकॉल के मानने की बात है। अगर अपने निजी स्वार्थ की वजह से किसी अधिकारी या स्टाफ के सदस्य के द्वारा यह फैसले किए जाएंगे तो यह सही नहीं है।

उदाहरण के तौर पर अगर इस वर्ष आइपीएल की ट्रॉफी आयोजक राज्य यानि तमिलनाडु क्रिकेट संघ का कोई सदस्य प्रदान करे, जबकि वहां बीसीसीआइ के अधिकारी मौजूद हों तो कैसा लगेगा। इस मेल को सीओए के सदस्य विनोद राय, डायना इडुलजी और रवींद्र थोडगे और सीके खन्ना को भी भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार इस घटना से डायना भी काफी नाराज हैं।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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