नई दिल्ली, जेएनएन। बीसीसीआइ की क्रिकेट प्रशासक समिति (सीओए) में सिर्फ एक ही इंसान की राय मायने रखती है, दूसरे सदस्यों की राय बिलकुल भी मायने नहीं रखती। यह कहना है सीओए की सदस्य डायना इडुल्जी का, जो सीओए प्रमुख विनोद राय पर निशाना साध रही थीं।

पूर्व भारतीय महिला क्रिकेट की कप्तान इडुल्जी ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम के कोच को लेकर उनकी ईमेल में रखी गई राय को एक मकसद की वजह से लीक किया गया है। उन्होंने साथ ही कहा कि अनिल कुंबले को क्रिकेट कोच के पद से हटाया गया था। यह विराट कोहली के कहने पर हुआ था, जिससे पूर्व भारतीय स्पिनर खलनायक की तरह लगें।

इडुल्जी, राय, महाप्रबंधक (क्रिकेट संचालन) सबा करीम, बीसीसीआइ सीईओ राहुल जौहरी और बीसीसीआइ के कानूनी सलाहकार इंद्रजीत देशमुख के बीच चली ईमेल चैन में यह सामने आया है कि महिला क्रिकेट टीम के कोच को लेकर इडुल्जी और सीओए प्रमुख राय के बीच टकराव है। 11 दिसंबर को बीसीसीआइ के अधिकारियों और राय को किए गए ईमेल में उन्होंने लिखा है कि प्रमुख होने के नाते राय एकतरफा फैसले नहीं ले सकते हैं। इडुल्जी कोच के चुनाव के लिए बनी एडहॉक समिति के विरोध में हैं।

इडुल्जी ने लिखा कि प्रमुख कोच को क्रिकेट सलाहकार समिति ही चुन सकती है, लेकिन उनकी उपलब्धता जानने से पहले ही सबा ने कपिल, अंशुमन और शुभांगी से बात कर ली। महिला टीम के पूर्व कोच रमेश पोवार को लेकर इडुल्जी ने कहा कि कोच के संबंध में शुरुआत से ही मैं चाहती हूं कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाए, लेकिन किसी के अपने निजी मकसद से ईमेल लीक हो रहे हैं और टीम को विभाजित हुआ दिखाया जा रहा है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने लिखा, मेरी अनुपस्थिति में आपने दो महिला कप्तानों से बात की और मैं भी उनसे पूछताछ करना चाहती थी। 

एक बार फिर आप यह समझने में नाकामयाब रहे हैं कि मैं भी सीओए की सदस्य हूं और मेरा भी आप जितना ही हक है। आपने पिछली प्रक्रिया को समाप्त हुए बिना ही नए कोच के लिए विज्ञापन दे दिया और छह चुने गए सदस्य अपने परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। राय को लिखे मेल में उन्होंने आगे लिखा कि अगर कप्तान और उप कप्तान अपनी पसंद बता रहे हैं तो उनकी पसंद का सम्मान क्यों नहीं किया जा सकता है। दो वरिष्ठ खिलाड़ियों की राय को इस तरह से दरकिनार नहीं किया जा सकता है।

इडुल्जी ने यह भी बताया कि कुंबले को टीम कोच से हटाने के पीछे कोहली ही थे। उन्होंने लिखा, मुझे लगता है कि महिला क्रिकेटरों के कोच को लेकर किए गए ईमेल कहीं गलत नहीं हैं। वह अपना मत सामने रख रहे हैं। कोहली की तरह नहीं, जो लगातार सीईओ को संदेश भेज रहे थे, जिसके बाद आप सतर्क हुए और कोच को बदल दिया। आवेदन की समय सीमा बढ़ा दी गई, जिससे कोई अन्य आवेदन कर सके। कुंबले एक दिग्गज खिलाड़ी हैं। उन्हें खलनायक की तरह दिखा दिया गया। 

राय ने जवाब में लिखा कि मैंने महिला क्रिकेट की बेहतरी के लिए सीओए प्रमुख होने के नाते अपना मत बार-बार रखा। राहुल और सबा को इस बारे में कार्रवाई करने के लिए कहा। पुरुष टीम के कोच के मामले में आपको बता दूं कि वहां पर विराट और कुंबले के बीच मतभेद थे।

इन सबके बीच कुंबले ने पद छोड़ दिया। उससे भी ज्यादा जरूरी टीम ने कोई ईमेल नहीं किया था। मिताली राज के मामले में राय ने लिखा कि टीम को यह समझना जरूरी होगा कि कोच टीम वोट पर नहीं चुने जाते हैं। इडुल्जी के विरोध के बावजूद बोर्ड ने मंगलवार शाम एडहॉक समिति का चयन कर दिया।

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Posted By: Lakshya Sharma