नई दिल्ली, जागरण स्पेशल। क्रिकेट का मक्का कहा जाने वाला मैदान लॉर्ड्स, आज ही के दिन आज से ठीक 20 साल पहले तीसरे क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल की मेजबानी कर रहा था। मैदान में 30 हजार के करीब दर्शक थे। वर्ल्ड कप के सातवें सीजन में शानदार खेल दिखाने के बाद ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान का आमना-सामना हुआ। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान एक-एक वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर चुके थे। इस बार दूसरी ट्रॉफी के लिए लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में दोनों टीमों को एकदूसरे से दो-दो हाथ करना था। 

मैच अपने निर्धारित समय पर शुरू हुआ। इस महामुकाबले में पाकिस्तान के कप्तान वसीम अकरम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया क्योंकि दबाव भरे इन बड़े मुकाबलों में चेज करने में परेशानी होती है। पाकिस्तानी कप्तान वसीम अकरम ने यही सोचकर समझदारी भरा फैसला लिया लेकिन पाकिस्तान की टीम के बाकी सदस्य उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और केवल 132 रन के स्कोर पर ढेर हो गए। 

ऐसा भी नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पाकिस्तान ने इस वर्ल्ड कप में ऐसा प्रदर्शन किया था। दरअसल, ग्रुप मैच में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दस रन से मात दी थी। इस मैच में भी पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी करनी पड़ी थी। बावजूद इसके टीम को जीत मिली। लेकिन, फाइनल में ऐसा कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 39 ओवर में सभी विकेट खोकर 132 रन बनाए। 

पाकिस्तान की ओर से इस मुकाबले में सबसे ज्यादा रन एजाज अहमद ने बनाए। एजाज अहमद ने 22 रन बनाए। इनके अलावा अब्दुल रज्जाक ने 17, सईद अनवर और इंजमाम उल हक ने 15-15 रन और शाहिद अफरीदी ने 13 रन की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से शेन वार्न ने 4, ग्लेन मैग्रा और टॉमी मूडी ने 2-2 विकेट चटकाए। इनके अलावा एक-एक विकेट डेमेन फ्लेमिंग और पॉल राइफेल को मिला। 

उधर, 133 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को मार्क वॉ और एडम गिलक्रिस्ट ने शानदार शुरुआत दी। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 75 रन की साझेदारी की। इसके बाद गिलक्रिस्ट 36 गेंदों में 8 चौकों और एक छक्के की मदद से 54 रन बनाकर सकलेन मुश्ताक की गेंद पर इंजमाम उल हक के हाथों कैच आउट हो गए। गिलक्रिस्ट के बाद मोर्चा रिकी पोंटिंग और मार्क वॉ ने संभाला और टीम को 100 के पार कर दिया। इस बीच रिकी पोंटिंग वसीम अकरम की गेंद पर मोइन खान के हाथों 24 रन बनाकर आउट हुए।  

रिकी पोंटिंग जब आउट हुए तब तक ऑस्ट्रेलिया 112 रन बनाकर मजबूत स्थिति में थी। अब बस जीत के लिए 21 रन बनाने थे, जो मार्क वॉ ने डेरेन लेहमन के साथ मैच को खत्म किया और फिर ग्राउंड में ऑस्ट्रेलियाई टीम और उनके फैंस का जश्न शुरू हो गया। पाकिस्तान को इस मैच में 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया 1987 के बाद दूसरी बार चैंपियन बनी। ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न (4/33) इस मैच में 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए। 

इस मैच में हार झेलने के बाद पाकिस्तान का दूसरी बार चैंपियन बनने का सपना टूटा गया और साल 1999 के बाद अब तक चार वर्ल्ड कप खेले जा चुके हैं और पांचवां अभी इंग्लैंड और वेल्स में खेला जा रहा है। लेकिन, पाकिस्तान कभी भी वर्ल्ड कप के फाइनल में नहीं पहुंचा है। वहीं, अगर इस विश्व कप में भारत के प्रदर्शन की बात करें तो टीम इंडिया मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पाई थी। 

वर्ल्ड कप 1999 में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया था। ग्रुप 'ए' में साउथ अफ्रीका, भारत, जिंबाब्वे, इंग्लैंड, श्रीलंका और केन्या की टीमें एक दूसरे से भिड़ी। ग्रुप 'बी' में पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और स्कॉटलैंड के टीमों के बीच मुकाबले हुए। इन मुकाबलों के बाद हर ग्रुप से ऊपर की शीर्ष-तीन टीमों ने 'सुपर सिक्स' में अपनी जगह बनाई। 

सुपर सिक्स में जगह बनाने वाली टीमों में भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और जिंबाब्वे की टीम शामिल थी। सुपर सिक्स में कई बेहद करीबी और कड़े मुकाबले होने के बाद न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की टीमें सेमीफाइनल की तरफ अग्रसर हुई। इसके बाद सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को पाकिस्तान से साउथ अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया से हार मिली। 

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Vikash Gaur