नई दिल्ली, जेएनएन। कुछ ही महीने पहले तक टीम इंडिया के कोच, कप्तान और उपकप्तान जिस खिलाड़ी की शान में नंबर चार के लिए कसीदे पढ़ रहे थे। उसी खिलाड़ी को सोमवार को बीसीसीआइ द्वारा वर्ल्ड कप  2019 के लिए टीम में नहीं चुना गया। इस खिलाड़ी का नाम है अंबाती रायुडू। हालांकि, इसमें भारतीय क्रिकेट बोर्ड की चयन समिति का भी कोई दोष नहीं है क्योंकि बीते कुछ समय में इस दाएं हाथ के बल्लेबाज की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई थी। इस बीच क्रिकेट एक्सपर्ट हर्षा भोगले का मानना है कि वर्ल्ड कप रिजेक्शन के बाद रायुडू का वनडे करियर समाप्त हो गया है।  

हैदराबाद के 33 वर्षीय खिलाड़ी अंबाती रायुडू की जगह विजय शंकर को टीम में चुना गया है। एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाले बीसीसीआइ के सलेक्शन पैनल ने 15 सदस्यीय टीम में अंबाती रायुडू का चयन ना करके तमाम खेल प्रेमियों का दिल तोड़ दिया था। कोच रवि शास्त्री, कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान रोहित शर्मा भी रायुडू पर भरोसा जता चुके थे। लेकिन, सलेक्टर्स को कुछ और ही मंजूर था। 

फिलहाल, हर्षा भोगले का कहना है कि अंबाती रायूडू शायद अब आगे कभी इंडियन वनडे टीम का हिस्सा नहीं होंगे। साल 2004 में अंडर 19 टीम के कप्तान रहे अंबाती रायुडू के रिजेक्शन से हर कोई हैरान है। हर्षा भोगले कहते हैं, "अंबाती रायुडू की कहानी भारतीय क्रिकेट की सबसे अनूठी कहानी में से एक है। वर्ल्ड कप 2015 से पहले वे हर एक वनडे मैच खेले और वर्ल्ड कप टीम का भी हिस्सा थे। लेकिन, तत्कालीन कप्तान एमएस धौनी ने उन्हें वर्ल्ड कप के एक मैच में भी नहीं खिलाया।" 

हर्षा भोगले के मुताबिक,  "वर्ल्ड कप 2015 के बाद वे ड्रॉप हो गए। लेकिन, वर्ल्ड कप 2019 से पहले एक बार फिर वे नंबर चार के लिए दावेदारी पेश करने लगे। कुछ दिन फॉर्म ठीक रही और उसके बाद वे स्कोर नहीं कर पाए। एशिया कप से लेकर, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी उनका बल्ला नहीं चला। यहां तक उन्होंने रेल बॉल क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया। लेकिन, वर्ल्ड कप टीम में फिर भी जगह नहीं बना पाए। ऐसे में मुझे नहीं लगता है कि आग रायुडू को मौका मिलेगा भी या नहीं?"   

Posted By: Vikash Gaur

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