अभिषेक त्रिपाठी, नई दिल्ली। किंग्स इलेवन पंजाब (Kings Eleven Punjab) के कप्तान रविचंद्रन अश्विन (R Ashwin) को अपने साथ जोड़ने वाली दिल्ली कैपिटल्स की नजरें अब राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) पर हैं। भारतीय टेस्ट टीम (Indian test team) के उपकप्तान रहाणे भी दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ना चाहते थे। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान ने रहाणे के स्थानांतरण का पत्र हस्ताक्षर करके दिल्ली कैपिटल्स को भेज दिया है। इसके बाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की राजधानी की फ्रेंचाइजी ने भी उसमें सहमति देकर प्रक्रिया पर मुहर लगाने के लिए आइपीएल गवर्निग काउंसिल और बीसीसीआइ को भेज दिया है। गुरुवार को आइपीएल की ट्रेड विंडो बंद हो जाएगी और इसके बाद फ्रेंचाइजियों के बीच में किसी भी खिलाड़ी का कोई स्थानांतरण नहीं हो सकता है।

दिल्ली कैपिटल्स के एक सीनियर अधिकारी से जब इस बारे में पूछा गया कि बीसीसीआइ (BCCI) की अनुमति मिलने के बाद ही हम इस बारे में कुछ कह सकते हैं। हम इतना जरूर कह सकते हैं कि रहाणे को लेकर दिल्ली और राजस्थान के बीच काफी दिनों से चल रही बातचीत अंतिम चरण में हैं। मालूम हो कि इसी महीने की आठ तारीख को दिल्ली कैपिटल्स ने ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के आइपीएल के अगले संस्करण में अपनी टीम के साथ जोड़ने की आधिकारिक घोषणा की थी।

स्थानांतरण के जरिये दिल्ली ने उन्हें किंग्स इलेवन पंजाब (Kings Eleven Punjab) से खरीदा था। अश्विन बीते दो सत्र में से पंजाब के लिए खेल रहे थे और उस टीम के कप्तान थे। हालांकि अच्छी शुरुआत के बाद भी वह टीम को प्लेऑफ तक नहीं ले पहुंचा पाए थे। अश्विन को अपने खेमे में लाने के बाद दिल्ली कैपिटल्स की निगाहें रहाणे पर थीं। इसको लेकर कई दिनों से दिल्ली और राजस्थान रॉयल्स की बात चल रही थी लेकिन सोमवार और मंगलवार को इस पर सहमति बन गई थी। बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) पिछले सत्र में दिल्ली कैपिटल्स के सलाहकार थे और वह चाहते थे कि रहाणे जैसा एक अनुभवी खिलाड़ी उनकी टीम में होना चाहिए। हालांकि अब वह दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा नहीं हैं लेकिन उनकी टीम ने रहाणे को अपने साथ लेने का फैसला किया है।

अनुभवी खिलाडि़यों की जरूरत : अगर दिल्ली कैपिटल्स की टीम में भारतीय खिलाडि़यों पर नजर डालें तो उसके पास श्रेयस अय्यर, रिषभ पंत, पृथ्वी शॉ, हनुमा विहारी, आवेश खान, अक्सर पटेल, हर्षल पटेल, अंकुश बैंस, मनजोत कालरा जैसे युवा हैं। वहीं शिखर धवन और इशांत शर्मा और अमित शर्मा जैसे अनुभवी भारतीय खिलाड़ी भी टीम में हैं लेकिन दिल्ली कैपिटल्स का प्रबंधन चाहता था कि उनके पास भारत के दो ऐसे सीनियर खिलाड़ी हों जिनकी टीम में जगह पक्की हो और उन्हें कप्तानी का अनुभव भी हो। इसमें अश्विन और रहाणे फिट बैठते हैं।

भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान रहाणे ने 140 आइपीएल मैच खेले हैं और उसमें 32.93 के औसत से 3133 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 105 रन है। वह आइपीएल में दो शतक के साथ 27 अर्धशतक लगा चुके हैं। उन्होंने खराब से खराब परिस्थितियों में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी की। उन्होंने पिछले सत्र में राजस्थान के लिए 14 मैचों में 393 रन बनाए थे। वह मुंबई इंडियंस और राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स का भी हिस्सा रह चुके हैं। वहीं अश्विन ने 28 मैचों में पंजाब की कप्तानी की थी, जिसमें से 12 में उसे जीत तो 16 में हार मिली थी। आइपीएल में अश्विन के नाम 125 विकेट हैं। अश्विन ने 2009 में चेन्नई सुपर किंग्स से आइपीएल पदार्पण किया था। फिर वह राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स की तरफ से खेले और फिर पंजाब पहुंचे थे।

Posted By: Sanjay Savern

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