नई दिल्ली, अभिषेक त्रिपाठी। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार (सीएबी) के सचिव आदित्य वर्मा प्रशासकों की समिति (सीओए) का ध्यान लगातार बिहार क्रिकेट में चल रही गड़बड़ियों की ओर आकर्षित करते हैं। इसी कड़ी में हालिया गड़बड़ियों का हवाला देकर वर्मा ने बिहार क्रिकट एसोसिएशन (बीसीए) को तत्काल प्रभाव से भंग करने और एडहॉक कमिटी बनाने के संदर्भ में सीओए के अध्यक्ष विनोद राय को ईमेल लिखा है।

दैनिक जागरण के पास मौजूद दस्तावेज के आधार पर वर्मा ने बीसीए को एक गैर निबंधित संस्था बताते हुए उसे भंग करने की मांग की है। वर्मा ने लिखा है कि मैं आपका ध्यान इस साल 16 मई, 22 जून और 28 सितंबर को सीएबी और अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र की ओर से भेजे गए ईमेल की ओर दिलाना चाहूंगा। नौ अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआइ के नए संविधान को मंजूर करते हुए सभी राज्य क्रिकेट संघों को इसे लागू करने को कहा था।

बीसीसीआइ के नए संविधान को चेन्नई रजिस्ट्रार के यहां संशोधन कराकर 30 दिनों के अंदर आपके द्वारा दिए गए प्रारूप में हस्ताक्षर करके भेजना था। 19 सितंबर को बीसीए पटना के अध्यक्ष द्वारा भेजे गए ईमेल पर सीओए ने अपनी असहमति जताते हुए इसे बीसीए के सचिव को भेजा था। सोसाइटी नियमों के मुताबिक संविधान के ऊपर अध्यक्ष, सचिव या कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं, लेकिन बीसीए के संविधान में कोषाध्यक्ष की जगह पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता राजेश सिंह के हस्ताक्षर थे, जो नियमों के विरुद्ध है।

इसके साथ ही वर्मा ने बीसीए द्वारा चयनित बिहार की टीम में दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों के शामिल किए जाने पर भी सवाल खड़े किए हैं। वर्मा ने लिखा कि बीसीए द्वारा चयनित बिहार की अंडर-16, अंडर-19, अंडर-23, रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी की टीमों में चयनकर्ताओं द्वारा चुने गए खिलाड़ियों को बदलकर बाहरी खिलाड़ियों को शामिल किया गया जिसकी सूचना पहले ही चयनकर्ता आपको भेज चुके हैं। हर्ष विक्रम सिंह (दिल्ली) विजय हजारे ट्रॉफी में सीधे बेंगलुरु पहुंचकर बिहार क्रिकेट टीम से जुड़े थे। विवेक मोहन हैदराबाद के खिलाड़ी हैं और वह बगैर एनओसी के बिहार के लिए खेल रहे हैं। अनुनय सिंह दिल्ली के विकास पुरी कोंचिंग सेंटर के खिलाड़ी हैं और वह जाली प्रमाण पत्र के आधार पर बिहार से खेल रहे हैं।

दिल्ली के पूर्व खिलाड़ी यश ठकराल और संचित सबरवाल वर्तमान में पटना नगर निगम से जाली जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर बीसीए की ओर से बीसीसीआइ में पंजीकृत होकर बिहार से खेलने के लिए तैयार हैं। आपसे निवेदन है कि भ्रष्टाचार रोधी ईकाई से इसकी जांच कराकर बिहार के होनहार और गरीब खिलाड़ियों को न्याय दिलाएं। साथ ही वर्मा ने सीओए प्रमुख से यह भी अनुरोध किया है कि अगर आपको मेरा नाम खटक रहा है तो मुझे मेरे बेटे की तरह बर्खास्त कर दीजिए लेकिन बिहार के खिलाड़ियों को न्याय दिलाए।

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Posted By: Pradeep Sehgal