नई दिल्ली, जेएनएन। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में विराट कोहली की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए उनकी सफलता का श्रेय बल्ले की रफ्तार में बदलाव को दिया । चार साल पहले इंग्लैंड दौरे पर नाकाम रहे कोहली ने पहले टेस्ट में शतक जमाया हालांकि भारत को हार से नहीं बचा सके ।

गावस्कर ने कहा ,‘यह जबरदस्त था। उसने बल्ले की रफ्तार में कुछ बदलाव किया है। 2014 में वह आफ स्टंप से बाहर जाती गेंदें नहीं खेल पा रहा था। अब वह गेंद के आने का इंतजार करता है।’

आपको बता दें कि एजबेस्टन टेस्ट में विराट कोहली ने पहली पारी में 149 रन की पारी खेली थी। इसके बाद दूसरी पारी में भी उन्होंने 51 रन बनाए थे। इससे पहले इंग्लैंड की धरती पर उनका सर्वाधिक स्कोर 39 रन था और अपनी तकनीक में बदलाव करने के बाद उन्होंने पहले टेस्ट की दोनों पारियों में अपने 2014 के सर्वाधिक रन के स्कोर को पीछे छोड़ दिया।

उन्होंने कहा ,‘उसने जो बदलाव किया है, मानसिक रूप से खुद को ढाला है, वह असाधारण है। यही वजह है कि वह रन बना सका है। यह मामूली सा तकनीकी बदलाव है कि वह शरीर के पास नहीं खेल रहा।’ गावस्कर ने कहा कि इंग्लैंड में फुटवर्क और संयम की काफी जरूरत होती है।

उन्होंने कहा, ‘वहां फुटवर्क और संयम काफी अहम है क्योंकि गेंद उछलकर आती है। हम उसकी अपेक्षा नहीं कर रहे थे क्योंकि जून जुलाई में वैसे वहां मौसम भारत जैसा ही होता है। उपमहाद्वीप के खिलाड़ियों के लिये यह आसान नहीं होता और यही वजह है कि मैं कहता रहता हूं कि हमें लाल गेंद का क्रिकेट अधिक खेलना चाहिए।’

क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य खेलों की खबरों के लिए यहां क्लिक करें 

Posted By: Pradeep Sehgal