(सुनील गावस्कार का कॉलम)

टी-20 क्रिकेट और खासतौर से आइपीएल में पलक झपकते ही पासा पलट जाता है। टूर्नामेंट की शुरुआत में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर संघर्ष करती दिख रही थी और अब अचानक से ही वह लय में लौटते हुए मैच जीतने लगी है। किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ उनके आखिरी मैच में जिस ढंग से आरसीबी के खिलाड़ी हर विकेट लेने के बाद डगआउट में किसी की ओर तो इशारा कर रहे थे, खिलाड़ी उत्साहित थे और कभी-कभी किसी को गलत साबित करने के लिए भी टीम एकजुट होकर अच्छा करने लगती है। आरसीबी के खिलाड़ी बहुत अच्छे दिख रहे हैं और अब उनके गेंदबाज भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और इससे वे अगले हफ्ते में प्लेऑफ में जगह बना सकते हैं।

मध्य क्रम और फील्डिंग है हैदराबाद की कमज़ोरी

अपने पिछले मैच में सनराइजर्स गड़बड़ा गई, उनके गेंदबाज पिच पर उछाल को देखकर अति-उत्साही हो गए और लाइन-लैंथ पर अपना नियंत्रण गंवा बैठे। उनका मजबूत पक्ष सटीक लाइन-लैंथ है। फील्डिंग में सुधार के साथ उनके मध्य क्रम को भी रन बनाने होंगे। केन विलियमसन और शिखर धवन हर समय रन नहीं बना सकते हैं।

इस आइपीएल में पिच काफी अच्छी हैं और इसके लिए बीसीसीआइ की तारीफ करनी चाहिए। इस पिच पर शुरुआत से ही गेंद टर्न नहीं हो रही है, बल्कि गेंद बल्ले पर अच्छे से आ रही है। गेंद का उछाल भी ऐसा है, जिस पर बल्लेबाज बिना चिंता किए ऑन द राइस खेल सकता है। दुर्भाग्य से अतिरिक्त उछाल की वजह से रणजी ट्रॉफी के कुछ ‘दादाओं’ को परेशानी होने लगी है। इनमें से कुछ भारतीय क्रिकेट के भविष्य भी माने जा रहे हैं।

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टी-20 में बल्लेबाज को आगे बढ़कर शॉट लगाने की छूट मिलती है, लेकिन अनुभवी लोगों को पता होता है कि कौन सा प्रयास सही और कौन सा सिर्फ तेज गेंदबाज से बचने का एक तरीका मात्र है। सनराइजर्स अपनी जीत की लय को वापस पाना चाहेंगे, लेकिन अब उनका सामना ऐसी टीम से है, जो पिछली हार की भरपाई करने की कोशिश में जुटी हुई है।

(पीएमजी)

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By Pradeep Sehgal