(सौरव गांगुली का कॉलम)

भारत ने ट्रेंटब्रिज में वापसी करने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज पूरी तरह से खोल दी है जिसके बाद अब पूरा दबाव इंग्लैंड पर आ गया है कि वह भारत की चुनौती का सामना करे। यह टीम इंडिया की मानसिकता को दर्शाता है जिसने इंग्लैंड की चुनौतियों का डटकर सामना किया। यह सीरीज अब भी जीवंत है और इसका नाटकीय तरीके से समापन हो सकता है। भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने क्रीज पर रुककर इंग्लिश गेंदबाजों का अच्छे से सामना किया।

आखिरकार शिखर धवन, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के बल्ले से रन निकले। धवन की पारी उनका हौसला बढ़ाएगी जबकि वह लगातार टेस्ट मैच खेल रहे हैं। कहा जा रहा था कि ट्रेंट ब्रिज का मैदान इंग्लिश तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के लिए अच्छा रहा है जहां वह बल्लेबाजों का ज्यादातर शिकार करते हैं लेकिन इस बार यह चीज दिखाई नहीं दी। वहीं भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा और हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी शानदार रही। उनकी पिच पर लेंथ अच्छी थी। 

बुमराह के टीम में आने से गेंदबाजी मजबूत हुई है और उनके रहने से इंग्लिश बल्लेबाजों में एक डर रहता है। चौथे टेस्ट में लड़ाई बल्ले और गेंद की नहीं होगी, बल्कि यह मानसिक की भी लड़ाई रहेगी। कोहली ने टीम की अगुआई ठीक की है और भारत को उन पर भरोसा है।

यदि अश्विन फिटनेस टेस्ट पास कर लेते हैं तो मुझे नहीं लगता कि अंतिम एकादश में कोई बदलाव किया जाएगा। लेकिन इंग्लैंड अंतिम एकादश में बदलाव करने की जरूर सोचेगा। यदि रूट जल्दी आउट होते हैं तो इंग्लैंड पर दबाव आ जाएगा। इंग्लैंड को जेनिंग्स को आराम देकर विंस को अंतिम एकादश में शामिल करना चाहिए। 

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Posted By: Lakshya Sharma