(सौरव गांगुली का कॉलम)

ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज हमेशा से आकर्षक होती है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दो ऐसे देश है जहां के क्रिकेट प्रशंसक बहुत जानकार हैं और टेस्ट मैच को महत्वपूर्ण मानते हैं। कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि इस सीरीज का प्रचार पहले से ही किया जा रहा है। स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और स्टीव वॉ एडिलेड में टीम के साथ अभ्यास सत्र में मौजूद रहे जिससे पता चलता है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए यह चार मैचों की टेस्ट सीरीज बहुत महत्वपूर्ण है।

यहां पर कौन पसंदीदा होगा इस पर बहुत बातें हुईं। मुझे इस पर कभी विश्वास नहीं हुआ लेकिन मैंने मेजबान टीम को उनके घर में कभी भी कमजोर नहीं माना। पिछले 30 वर्षो से दुनिया ने कुछ असाधारण ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को देखा है। हर किसी को याद रखने की जरूरत है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम घरेलू हालातों में खेलेगी। वे वहीं पैदा हुए हैं और वहां के हालातों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वे भारत व इंग्लैंड की जगह यहां अच्छी तरह से खेलेंगे।

जब भारतीय टीम इस साल इंग्लैंड गई थी तब भी इसी तरह की बातें हो रही थीं। इंग्लिश क्रिकेटर सैम कुर्रन, बटलर, क्रिस वोक्स ने घरेलू हालातों में अच्छा किया और भारतीयों पर दबाव बनाया। इसी तरह, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर पीटर हैंडस्कांब, मिशेल मार्श और ट्रेविस हेड घरेलू हालातों में कामयाब होंगे इसलिए उन्हें कम नहीं समझना चाहिए और मुझे उम्मीद है कि भारत भी ऐसा नहीं करेगा। पिछले कुछ वर्षो में हर अच्छी टीम के पास शानदार स्पिनर रहे हैं। तेज गेंदबाज पैट कमिंस, जोस हेजलवुड और मिशेल स्टार्क नई गेंद से गेंदबाजी करेंगे लेकिन जब गेंद पुरानी हो जाएगी तब स्पिनर नाथन लियोन भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाएंगे।

भारत के लिए इस सीरीज की शुरुआत करने के लिए एडिलेड खराब स्थान नहीं है। यहां का विकेट आमतौर बल्लेबाजों की मदद करता है। मुझे नहीं पता कि इस पिच पर कितनी घास छोड़ी जाएगी। भारतीयों को लगता है कि पिच पर घास छोड़ी जाएगी जिससे 20 विकेट निकालने में आसानी हो सके। मुझे लगता है कि एक बार फिर इस सीरीज का फैसला इससे होगा कि कौन बेहतर बल्लेबाजी करता है। भारत को कोहली के अलावा भी हर किसी से योगदान की उम्मीद है।

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Posted By: Pradeep Sehgal